राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की धरती में नए खनिज तलाशने अगले साल भर में 110 करोड़ खर्च करेगी। साथ ही खनिज कार्यालयों को ऑनलाइन किया जाएगा। खनिजों के दोहन-निकास की होगी प्रभावी निगरानी के लिए उड़नदस्तों को अपडेट और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने सोमवार को खनिज विकास निधि की सलाहकार समिति की बैठक ली। बैठक में खनिज अन्वेषण, खनिज ऑनलाइन परियोजना और रायपुर तथा बिलासपुर में रासायनिक लैब स्थापित करने जैसी परियोजनाओं के लिए 110 करोड़ रूपए मंजूर किए। बैठक में सीएमडीसी की विभिन्न परियोजनाओं के लिए 62 करोड़ रूपए के कर्ज मंजूर किया गया इनमें मुख्यतः बाक्साईट खनिज परियोजनाओं के लिए 20 करोड़,कारेण्डम खनन परियोजना के लिए एक करोड़ रूपए एवं आरीडोंगरी लौह अयस्क परियोजना, केरवा कोल परियोजना तथा बी.आर.पी.एल. में इक्विटी पार्टिसिपेशन कार्याें के लिए 41 करोड़ रूपए शामिल हैं।
इसी तरह संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म से संबंधित विभिन्न विकास कार्याें के लिए 47 करोड़ 92 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इन कार्याें में खनिज अन्वेषण कार्याें को आऊट सोर्सिंग के माध्यम से पूर्ण कराने, सूचना प्रौद्योगिकी कार्याें, आगामी चरणों के ब्लाॅकों की नीलामी हेतु कंसल्टेंट और ट्रांजेक्शन एडवाइजर की सेवाएं लेने, मशीन एवं उपकरण, प्रयोगशाला उपकरण क्रय करने तथा सोनाखान भवन के नवीनीकरण कार्य शामिल हैं ।बैठक में खनिज ऑनलाइन परियोजनाओं के लिए 23 करोड़ 27 लाख 70 हजार रूपए स्वीकृत किए गए। खनिज ऑनलाइन 2.0 परियोजना से खनिज कार्यालयों के कार्य ऑनलाइन होंगे। जिससे खनिजों के दोहन-निकास पर प्रभावी निगरानी और नियंत्रण किया जा सकेगा। रेत के उत्खन्न एवं परिवहन की नवीन नीति मेंउल्लेखित रेत के साथ अन्य खनिजों के अवैध उत्खन्न तथा परिवहन की रोकथाम व प्रभावी कार्यवाही के लिए सभी जिले के लिए 28 तथा केन्द्रीय उड़नदस्ता संचालनालय हेतु 03 वाहन कुल 31 वाहन किराए पर लिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके द्वारा रेत व्यवसाय के सुचारू संचालन के साथ-साथ मुख्य खनिज एवं अन्य गौण खनिज के उत्खन्न एवं परिवहन पर लगातार नियंत्रण रखा जा सकेगा। खदानों को सेटेलाइट डाटा से माॅनिटरिंग के लिए माईनिंग सर्विलेंस सिस्टम की स्वीकृत दी गई है।
सीएम बघेल के दबाव पर केंद्र ने लिया 4 लाख टन ज्यादा चावल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लगातार दबाव से केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ से सेन्ट्रल पूल में चावल लेने का कोटा 24 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 28.1 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। छत्तीसगढ़ से अब सेन्ट्रल पूल में एफसीआई 28.1 लाख मीट्रिक टन चावल लेगी। बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान को बीते महीनों में लगातार पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ से सेन्ट्रल पूल में 31 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर पासवान से मुलाकात भी की थी। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में किसानों से 83 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/110-million-will-be-spent-to-find-new-minerals-mineral-offices-will-be-online-127390689.html
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