छत्तीसगढ़ में रविवार देर रात से सोमवार रात तक 120 संक्रमित मिले हैं। यह पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इसमें रायपुर में14, कोरबा में 20, बलौदाबाजार में 23, कांकेर में 5, कोरिया में 7, जांजगीर-चांपा में 6, बेमेतरा व कवर्धामें 6-6, मुंगेली में 20, राजनांदगांव में 5, रायगढ़, बिलासपुर में 5, सूरजुपर में 2 और शहडोल व रायगढ़ में 1-1 संक्रमित शामिल हैं।
वहीं रविवार देर रात 17 और सोमवार को 25 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 1153 हो गई है। इससे पहले पिछले 24 घंटों के दौरान 89 संक्रमित मरीज मिले थे।प्रदेश में रोजाना 12 फीसदी की दर से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। 5 दिनों के अंदर ही संक्रमित केस डबल हो चुके हैं। इसके चलते रिकवरी रेट भी 28% पर पहुंच गया है।
मरीजों को 10 दिन अस्पताल, 7 दिन रहना होगा होम क्वारैंटाइन
अब संक्रमित मरीजों के लक्षण के आधार पर उनका उपचार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा, जैसा कि हम कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने रुख को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। आईसीएमआर ने हमारे चिकित्सा संसाधनों के अनुकूलित उपयोग की योजना तैयार की है। जिन रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उन्हें उनके लक्षण के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।
तीन कैटेगरी में बांटा गया
- जिन रोगियों में हल्के लक्षण हैं, उन्हें पहले टेस्ट के बाद 10 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद मरीज को 7 दिन तक होमक्वारैंटाइन रहना होगा।
- अगर किसी मरीज को लगातार 3 दिनों तक बुखार और ऑक्सीजन की कमी महसूस नहीं होती तो उसे 10 दिन में डिस्चार्ज किया जाएगा।
- अगर ऑक्सीजन की कमी महसूस होती है और समस्या का समाधान नहीं होता तो बीमारी ठीक होने या फिर 3 दिन तक लगातार बुखार नहीं आने पर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। (ऊपर के तीनों कैटेगरी के मरीजों में डिस्चार्ज से पहले टेस्ट की जरूरत नहीं होगी।)
- अगर किसी मरीज में ज्यादा दिक्कत है। स्थिति गंभीर है, तो उसकी बीमारी पूरी तरह से ठीक होने के बाद और टेस्ट निगेटिव होने की स्थिति में ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।
ये तस्वीर भिलाई के साईं मंदिर की है। मंदिर की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन के साथ श्रद्धालुओं के खड़े होने के लिए मार्किंग की जा रही है।
मंदिर में भक्त नहीं, लेकिन पार्क और गार्डन में दिखे लोग
करीब 79 दिनों के बाद प्रदेश में सोमवार से पार्क, गार्डन और मंदिर खुल गए हैं। पहले दिन सुबह मंदिरों में भक्त नहीं पहुंचे। हालांकि तैयारी पूरी कर ली गई थी। मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिग के लिए जहां मार्किंग की गई है, वहीं घंटों को कपड़ों से बांध दिया गया है। दूसरी ओर पार्क और गार्डन एक बार फिर गुलजार हो गए। लोग सुबह से पहुंचे। योगा और एक्सरसाइज की। स्टेडियम में भी लोगों ने आउटडोर गेम्स खेले। इससे पहले वहां सैनिटाइजेशन किया गया।
इस तरह से व्यवस्था और छूट
- हाेटल में डिजिटल पेमेंट हाेगी : कॉन्टैक्टलेस चेक-इन और चेक-आउट की व्यवस्था करनी होगी। कमरों में रखने से पहले सामान संक्रमण मुक्त जरूरी।
- रेस्तरां : यहां बैठकर खाने के बजाय टेक अवे काे बढ़ावा देंगे। हाेम डिलीवरी करने वाला स्टाफ पैकेट दरवाजे पर रखेगा।
- मंदिरों में मास्क जरूरी :मूर्तियाें-ग्रंथाें को नहीं छुएंगे। घंटियां नहीं बजा सकेंगे। श्रद्धालु घर से ही चटाई लाना होगा। प्रसाद, जल छिड़कने पर राेक।
ये तस्वीर बस्तर के दंतेवाड़ा में स्थित मां दंतेश्वरी देवी के मंदिर की है। मंदिर में श्रद्धालुओं के आने को लेकर सारी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। आसपास की कुछ फूलों की दुकानें भी खुली हैं, लेकिन मंदिर में श्रद्धालु न के बराबर ही पहुंचे हैं।
छत्तीसगढ़ कोरोना अपडेट
भिलाई : जिस एंबुलेंस से रविवार को पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल शिफ्ट करना था, वह बगैर पीपीई किट के ही मौके पर पहुंच गई। इसके बाद किसी तरह मरीजों को अस्पताल ले गए। वहीं सेक्टर-6 सी मार्केट पहुंची एंबुलेंस में तीन मरीजों को ले जाया गया। पुणे में नौकरी कर रही युवती 26 मई को सहेली के साथ कार में घर पहुंची। उसी दिन सैंपल दिया। होम आइसोलेशन में थी। 12 दिन बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो खुद ही दौड़कर एंबुलेंस में बैठी।
बिलासपुर : संभाग के कोविड अस्पताल में अब तक 117 मरीज भर्ती हो चुके हैं। 31 ठीक होकर चले गए हैं, जबकि दो को रायपुर रेफर किया गया है। अभी 84 पॉजिटिक का इलाज चल रहा है। इनमें 10 मरीज ऐसे हैं जिन्हें भर्ती हुए 12 से 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन इनकी रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ रही है। इनके शरीर में एंटी बॉडी का निर्माण नहीं हो रहा है। साथ ही इन मरीजों में कोविड-19 के लक्षण भी नहीं नजर आ रहे हैं। बस ये कोरोना पॉजिटिव हैं।
रायगढ़ : जिले के स्कूल 16 जून से ऑनलाइन ही खुलेंगे। निजी स्कूलों के साथ ही शिक्षा विभाग के अफसर अभी डिजिटल (ऑनलाइन) एजुकेशन को ही विकल्प मान रहे हैं। समर वेकेशन के कारण सीबीएसई या सरकारी स्कूलों में होमवर्क पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। ओपी जिंदल स्कूल के प्रिंसिपल आरके त्रिवेदी ने बताया कि टीचर्स को वेबिनार, ऑनलाइन एप्लिकेशन सहित कई ट्रेनिंग दी गई है। स्कूल खुलने के 20 दिन तक तो कोई टेस्ट नहीं होगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/coronavirus-chhattisgarh-live-updates-cases-latest-news-raipur-korba-bilaspur-janjgir-champa-rajnandgaon-raigarh-8-june-2020-127387713.html
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