23 दिनों में 42 जवान संक्रमित, पिछले 24 घंटे में ही 7 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

दुर्ग जिले में बीएसएफ के जवान लगातार कोरोना से संक्रमित हो रहे। बीते 23 दिनों में 42 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 24 घंटे में ही 7 जवान संक्रमित चुके हैं। रविवार को ही 5 की रिपोर्ट आई। जवानों के लिए बनाए गए कैंप सवालों के घेरे में है। दुर्ग सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर कहते हैं, सेम टॉयलेट इस्तेमाल करने और सोशल डिस्टेंसिंग को ताक पर रखने की वजह बीएसएफ जवान कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। आईजी बीएसएफ जेएसएनडी प्रसाद ने कहा कि, उनके जवान जिन-जिन स्थानों पर अस्थाई तौर पर ठहरे हुए हैं। वह स्थान जिला प्रशासन ने उन्हें दिया है। वहीं, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने बताया की डीआईजी, बीएसएफ ने उनसे जितना जगह मांगा था, उन्होंने उपलब्ध कराया है। इधर, जिले में रविवार को कोरोना के 8 मरीज मिले। इनमें बीएसएफ के 5 जवान शामिल है। जबकि 3 अन्य है। इनके कांटेक्ट हिस्ट्री खंगाल रहे हैं।

छुट्‌टी से लौटने वाले सभी जवान हैं क्वारेंटाइन
बीएसएफ के आईजी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनके 2000 जवान छुट्टी से लौटे हैं। सबको संदेहास्पद मानते हुए पहले जिला प्रशासन द्वारा मुहैया अस्थाई क्वारेंटाइन सेंटरों में रख कर जांच कराई जा रही है। 14 दिनों की क्वारेंटाइन अवधि पूरी करने के दौरान जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, उन्हें उनकी पोस्ट पर भेजा जा रहा है।

42 जवानों में से 5 जवान रिकवर भी हुए
छुट़्टी से लौटने वाले 2000 जवानों में से जो 42 जवान कोरोना संक्रमित पाए गए। उनमें से 5 उपचार के बार स्वस्थ्य हो गए है। 37 जवानों का उपचार अभी चल रहा है। सबकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।

इधर, ठेकेदार के संपर्क में रहने वाला कर्मचारी और नांदगांव में काम करने वाले मजदूर भी संक्रमित हुआ
अहिवारा का रहने वाला 28 वर्षीय युवक और भिलाई के कांट्रेक्टर कॉलोनी में रहने वाले दो मजूदरों की रिपोर्ट भी रविवार को पॉजिटिव आई है। अहिवारा का युवक पूर्व में पॉजिटिव आने वाले कुम्हारी निवासी ठेकेदार के संपर्क में आया था। कांट्रेक्टर कॉलोनी के मजदूर नांदगांव काम करने जाते थे। रिपोर्ट आने के बाद तीनों को कोविड-19 अस्पताल जुनवानी शिफ्ट कर दिए हैं। इनके संपर्क में 22 लोग है। रविवार को बीएसएफ के जिन पांच जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनमें से एक अगरतला, एक दिल्ली और तीन महाराष्ट्र से लौटे हैं।
कैंप में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं
"हॉट स्पॉट से लौटने वाले जवानों को एक साथ रखा गया है। वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। सभी जवान कैंपों में बने 5-6 टॉयलेट में ही जाते हैं। इसलिए एक से दूसरे चपेट में आ रहे हैं। मैने उनके कैंपों को मुआयना कराया तो उसमें यह जानकारी सामने आई है।"
-डॉ. गंभीर सिंह, सीएमएचओ दुर्ग
जितना अच्छा हो सकता है, वो कर रहे

"जिला प्रशासन ने हमें ठहरने की व्यवस्था दी है। हमारे 2000 जवान छुट्टी से लौटे हैं। उन्हीं के दिशा निर्देशों को पालन करते हुए हमारे जवान रह रहे हैं। जितना बेटर कर सकते हैं, उतना किया जा रहा है। कोरोना से अपनी सुरक्षा के लिए हम जिला प्रशासन पर निर्भर हैं।
-जेएसएनडी प्रसाद, आईजी बीएसएफ
जवानों के लिए पर्याप्त जगह है...

"बीएसएफ की डीआईजी ने बाहर से आने वाले जवानों के लिए हमसे जितना जगह मांगा था, हमने उन्हें उपलब्ध कराया है। मेरी जानकारी में करीब 700 जवान उनके क्वारेंटाइन सेंटरों में रह रहे हैं। अभी उनके लिए पर्याप्त जगह है। आगे उनकी संख्या बढेग़ी तो व्यवस्था करेंगे।"
-डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे, कलेक्टर दुर्ग



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अग्रसेन भवन से-6 को बीएसएफ जवानों के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है। यहां भी मरीज मिले हैं।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/news/42-jawans-infected-in-23-days-7-reported-positive-in-last-24-hours-127457580.html

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