धमतरी जिले में गंगरेल डूबान के मोंगरी-उरपुटी के नाले के दलदल में हथिनी चंदा का 3 साल का एक बच्चा मंगलवार सुबह मृत मिला। वहीं रायगढ़ जिले में हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। प्रदेश में पिछले एक सप्ताह में हाथियों के मारे जाने की यह पांचवीं घटना है। इससे पहले सरगुजा संभाग के गणेशपुर के जंगलों में 3 हाथियों की मौत हो चुकी है। 3 साल के हाथी की मौत की जानकारी लगते ही डीएफओ अमिताभ वाजपेयी सहित वन अमला घटनास्थल पर पहुंचे। दलदल में फंसे हाथी का शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया। शेष|पेज 5
डीएफओ अमिताभ वाजपेयी ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। घटनास्थल पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। दरअसल, बारनवापारा से 21 हाथियों का दल धमतरी जिले में 4 जून को आया था।
15 जून को ये हाथी गंगरेल डूबान के मोंगरी पहाड़ के आसपास था। वन अफसर कॉलर आईडी से लगातार निगरानी कर रहे थे। रात करीब 10.30 बजे दल केला बाड़ी में घुसा। केले के पौधे खाए। इसके बाद पहाड़ से उतरकर गंगरेल की ओर बढ़ा। इस दौरान एक 3 साल का हाथी कीचड़ में फंस गया। फंसने के बाद वहां से नहीं निकल पाया।
धरमजयगढ़: कटहल खाने पहाड़ से नीचे उतरा था हाथी
धरमजयगढ़ के गेरसा गांव में कटहल खाने पहाड़ से नीचे उतरे हाथियों के झुंड में से एक 10 वर्षीय हाथी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। यहां खेत में सिंचाई के लिए भादो राम राठिया ने अवैध बिजली का कनेक्शन कर रखा था। सोमवार देर रात खुले तार की चपेट में आने से हाथी की मौत हुई। डीएफओ प्रियंका पांडे ने बताया कि किसान ने अवैध कनेक्शन खींचा था। इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/hathinis-3-year-old-child-dies-due-to-being-trapped-in-a-swamp-in-dhamtari-elephant-killed-due-to-electrocution-in-raigad-127417834.html
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