1957 में महासमुंद से लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद पहुंचने वाले विद्याचरण शुक्ल तब के सबसे युवा सांसद थे। तब उनकी उम्र 28 वर्ष थी। बाद में वे केंद्रीय मंत्री भी बने। पूरे जीवन युवाओं में वे इस कदर चहेते रहे कि 84 वर्ष की उम्र तक सबने उन्हें भैया कहकर पुकारा। 2013 में झीरम नक्सली हमले में वे शहीद हो गए। गुरुवार को उनकी 7वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इसी मौके पर समर्थकों उन्हें याद करते हुए यह बातें कही। निगम गार्डन स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया गया।
विधायक सत्यनारायण शर्मा भी यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्या भैया जननेता थे। उनका प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर था। उनका पूरा जीवन लोगों की सेवा में बीता। महापौर एजाज ढेबर ने उन्हें याद करते हुए कहा, वे दूरदर्शी थे। विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि विद्या भैया ने हमेशा युवाओं को नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित किया। यही वजह है कि वे न सिर्फ वरिष्ठ नेताओं में बल्कि युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय थे। इस दौरान कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, प्रमोद तिवारी, विधायक अनिता शर्मा, रामअवतार देवांगन, प्रवक्ता नितिन कुमार झा, सुरेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
शहर कांग्रेस ने भी याद किया, गांधी मैदान में दी श्रद्धांजलि
शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने गांधी मैदान स्थित कांग्रेस भवन में स्व. शुक्ल को श्रद्धांजलि दी। शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे समेत सभी नेताओं ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में शहीद शुक्ल के योगदान को याद किया। शहर प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने कहा कि उनके योगदान को प्रदेश की जनता कभी नहीं भूल सकती। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत ठेंगड़ी, नवीन चंद्राकर, दाऊलाल साहू, दिलीप चौहान, श्रीनिवास, मुन्ना मिश्रा मौजूद रहे।
स्व. शुक्ल हमारे अभिभावक थे, कमी खलती है: बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्व. विद्याचरण शुक्ल छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय राजनीति के पुरोधा थे। हम सबके लिए वे अभिभावक और पथ प्रदर्शक थे। आज छत्तीसगढ़ उनके सपनों के अनुरूप नई ऊंचाइयां छू रहा है। उनकी कमी हब सभी को बहुत खलती है।
केंद्रीय राजनीति में कद्दावर नेता थे भैया: डॉ. चरणदास
विधानसभा स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने पं. विद्याचरण शुक्ल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विद्या भैया अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर केंद्रीय राजनीति में सक्रिय और कद्दावर नेता रहे। वे भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण व्यक्तियों में एक थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/vidyacharans-popularity-among-the-youth-that-even-at-the-age-of-84-everyone-used-to-say-brother-127401203.html
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