बस्तर के झीरम घाटी में सात साल पहले हुए हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। हत्याकांड की साजिश में भाजपा के शामिल होने का आरोप लगाकर एसआईटी जांच की मांग की जा रही है। बुधवार को विधायक विकास उपाध्याय, निगम सभापति प्रमोद दुबे और जिलाध्यक्ष गिरीश दुबे ने पत्रकारों से चर्चा में एक बार फिर भाजपा के नक्सलियों से संबंध होने का आरोप लगाया और पूछा कि भाजपा नेता झीरम हमले की जांच से इतना डरते क्यों हैं?
विधायक उपाध्याय ने कहा कि सात साल बाद भी झीरम की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। पिछली सरकार ने सीबीआई जांच की बात क्यों छिपा कर रखी। जो एनआईए जांच रिपोर्ट पूरा होने की बात कह रही थी, वह अब अचानक जांच को लेकर सक्रिय क्यों हो गई है। उपाध्याय ने कहा कि इसके लिए कांग्रेस ने सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ी है। देश की इस बड़ी राजनीतिक साजिश में भाजपा आैर उसके नेताआें की संलिप्तता रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा कि इस नरसंहार में कांग्रेस ने शीर्ष नेतृत्व को खो दिया। इसकी जांच की बात आते ही भाजपा छटपटाने लगती है। दुबे ने कहा कि भाजपा के नक्सलियों के साथ संबंध उजागर हुए हैं। इसका पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह को जवाब देना चाहिए। निगम सभापति प्रमोद ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि एसआईटी की जांच से केंद्र सरकार परेशान क्यों है? एक तरफ एनआईए अदालत को जांच पूरी होने की बात कहती है तो एसआईटी से जांच कराने दस्तावेज मांगने पर जांच जारी होने की बात कहती है। आखिर एनआईए के अफसर किसके इशारे पर काम कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। इस दौरान ग्रामीण जिलाध्यक्ष उधोराम वर्मा आैर प्रवक्ता बंशी कन्नौजे भी मौजूद थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/congress-investigation-into-bjps-involvement-in-countrys-biggest-political-conspiracy-congress-127443889.html
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