वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से वित्तीय वर्ष 2020-21 में जीएसटी रिटर्न भरने में हुई देरी से लगने वाले ब्याज को 18 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत करने की मांग की है। सिंहदेव शुक्रवार को जीएसटी परिषद की 40वीं बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई चर्चा में यह बात कही।सिंहदेव के साथ प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी और आयुक्त रानू साहू भी मौजूद थीं। सिंहदेव ने बताया कि जीएसटी लागू होने के पहले वर्ष के दौरान भारत सरकार के साथ ही राज्य सरकारों का जो हिस्सा केंद्र सरकार की समेकित निधि में शामिल है, उसे राज्यों को उनकी हिस्सेदारी के अनुसार वितरित करने का सैद्धांतिक फैसला लिया गया। मंत्रियों का एक समूह गठित कर राज्यों को इसके वितरण की रूपरेखा तय की जाएगी।
सिंहदेव ने बताया कि पांच करोड़ रुपये तक के कुल कारोबार वाले करीब 80 हजार करदाताओं के लिए विलंब शुल्क एवं ब्याज को माफ करके कुछ और राहत दी गई है। सिंहदेव ने मई से जुलाई तक विलम्ब से रिटर्न भरने में लगने वाले शुल्क को कम करने के साथ ही पूरे वित्तीय वर्ष 2020-21 में विलम्ब से रिटर्न भरने पर लगने वाले ब्याज को 18 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत करने की मांग की है। इससे प्रदेश के 90 हज़ार व्यवसाईयों को फ़ायदा होगा। अभी जीएसटी में विलंब से रिटर्न फाइल करने पर दस हजार रूपए तक विलंब शुल्क तथा 18 प्रतिशत ब्याज लगता है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/give-late-fee-and-interest-rebate-to-traders-by-september-127404678.html
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