आदिवासी क्षेत्र डौंडी ब्लाॅक के दिगवाड़ी गांव की महिला समूह वन उपज की खरीदी करने के बाद अब इमली से चपाती बना रही हैं। ऐसा करने वाली प्रदेश की दूसरी व जिले की पहली महिला समूह है। वन विभाग के अधिकारियों ने वनांचल की महिलाओं को लॉकडाउन में भी आमदनी से जोड़ने के लिए कदम बढ़ाया है। डौंडी से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्राम दिगवाड़ी की एकता महिला समूह ने पिछले 4 दिनों में आधा किलो के वजन के एक सौ चपाती पैकेट तैयार कर लिया है।
समूह की अध्यक्ष सतीमा मंडावी, सचिव मंजू मंडावी, सदस्य निर्मला गांवड़े, कविता मंडावी ने बताया कि वन परिक्षेत्र डौंडी के अधिकारियों ने उनके समूह को रोजगार से जोड़े रखने पहले वनोपज खरीदी के लिए प्रेरित किया। उसके बाद चपाती बनाने के ट्रेनिंग के लिए जगदलपुर के पास घोटिया वन प्रसंस्करण केंद्र ले गए थे। चपाती बनाने के लिए मशीन वन विभाग की डीएफओ ने रायपुर से दिलवाई है। अपने गांव के सामुदायिक भवन में यह कार्य समूह की 13 महिलाएं कर रही हैं।
हर्रा, बहेड़ा, इमली, महुआ की खरीदी भी की गई
समूह की कविता मंडावी ने बताया कि लाॅकडाउन के दौरान उन लोगों ने मार्च, अप्रैल में अपने गांव के आसपास आमाडुला, साल्हे में हर्रा, बहेड़ा, इमली, महुआ बीज आदि की खरीदी अपने समूह की महिलाओं के साथ पैसा मिलाकर किए थे। जिसे वन विभाग वाले खरीदी कर ले गए हैं। लागत खर्च निकल गया है। लाभांश भी मिल जाएगा। चपाती निर्माण में डीएफओ सताेविशा समझदार, डौंडी के रेंजर पुष्पेंद्र साहू, डिप्टी रेंजर सीएस भंडारी,कमल नारायण गौतम, जितेश यादव का सहयाेग रहा।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/balod/news/women-engaged-in-making-chapati-from-tamarind-127386845.html
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