कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या का असर अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ने लग गया है। पहले अस्पताल प्रबंधन दैनिक उपयोग में आने वाली सभी सामान उपलब्ध करा रहे थे, लेकिन अब यह मरीजों के कंधे पर डाल दिया गया है। अब कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने के समय अपने कपड़े, टॉवेल, फेस मास्क, साबुन, शैंपू से लेकर कंघी व तेल लेकर जाना होगा। यहां तक कि एक दर्जन बनियान और अंडर गारमेंट का सेट भी सामान के साथ रखना होगा। अस्पताल में न तो इसकी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी और न ही घर वाले रोज एक-एक सामान लाकर दे सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के लिए चेक लिस्ट जारी की है, जिसमें 17 जरूरी सामानों का जिक्र है। भर्ती होने के समय ये सामान ले जाना जरूरी होगा। यह सावधानी इसलिए ताकि दूसरे लोगों में संक्रमण न फैले और मरीज सबकुछ अपना ही इस्तेमाल कर सकें।
दूसरी बीमारी है तो 15 दिनों की दवा जरूरी
कोरोना मरीज अगर हार्ट व बीपी के मरीज हैं तो उन्हें 15 दिनों की दवा साथ लेकर जाना होगा। अस्पताल से यह दवा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसके लिए उन्हें डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन साथ लाना होगा। अगर दवा नहीं है, अस्पताल का स्टाफ उन्हीं के पैसे से दवा खरीदकर लाकर देगा। स्मार्ट कार्ड है तो भी उन्हें फ्री की दवा नहीं मिलेगी।
प्रदेश में 1500 की ओर मरीज
प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 1500 पहुंचने वाली है। 18 मार्च को पहला केस आने के बाद मई के दूसरे सप्ताह से औसत 80 से ज्यादा मरीज रोजाना आ रहे हैं। इससे एम्स समेत अंबेडकर, माना व दूसरे मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि अब नई गाइडलाइन के अनुसार मरीजों को 10 दिन अस्पताल में रखना है। इसके लिए दो निगेटिव रिपोर्ट का भी इंतजार नहीं किया जाएगा। इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च की गाइडलाइन के बाद अस्पताल से मरीजों को डिस्चार्ज किया जाने लगा है। इससे अस्पतालों का बोझ कम होने लगा है।
मरीजों की संख्या बढ़ रही, इसलिए यह जरूरी
मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण उन्हें जरूरी सामान मंगवाया जा रहा है। इसका फायदा ये भी है कि इससे संक्रमण की संभावना नहीं रहेगी। मरीज अपना सामान उपयोग करेंगे तो उन्हें संतुष्टि भी मिलेगी।
डॉ. आरके पंडा, सदस्य, कोरोना कोर कमेटी
मरीज के लिए ये भी जरूरी
- कपड़े तीन-तीन सेट, इसमें पाजामा, शर्ट के साथ लोवर, टी शर्ट, शार्ट्स शामिल। टॉवेल का एक सेट, जो ज्यादा मोटा न हो, ताकि सूखने में आसानी हो।
- टंग क्लीनर, टूथ ब्रश, टूथपेस्ट, नहाने व कपड़े धोनेे का साबुन, एक बोतल शैंपू, कंघी, बालों में लगाने के लिए तेल, एक जोड़ी स्लीपर रबर वाला। मास्क भी।
- एक स्टील गिलास, मोबाइल, चार्जर। आईडी प्रूफ के लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड जरूरी है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/now-the-patient-will-have-to-bring-clothes-masks-soap-himself-to-the-hospital-127407978.html
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