बिलासपुर में सिम्स से डिस्चार्ज हुए एक श्रमिक की रविवार देर रात क्वारैंटाइन सेंटर में मौत हो गई। श्रमिक लखनऊ से लौटा था। उसे क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया, लेकिन अगले दिन तबीयत खराब होने पर सिम्स में भर्ती कराया गया। वहां पांच दिन उपचार करने के बाद अस्पताल प्रशासन ने देर रात छुट्टी दे दी। इस पर श्रमिक को फिर से क्वारैंटाइन सेंटर भेजा गया था।
जानकारी के मुताबिक, तखतपुर ब्लॉक के लमेर गांव निवासी फागूराम (41) लखनऊ में मजदूरी करता था। वह 8 जून को बिलासपुर लौटा तो उसे गांव के ही सरकारी स्कूल में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। अगले दिन 9 जून को तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन की टीम ने उसे सिम्स में भर्ती करा दिया। यहां पर फागूराम का उपचार चलता रहा। सिम्स प्रबंधन ने उसे रविवार रात डिस्चार्ज कर दिया।
श्रमिक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं
इसके बाद एंबुलेंस से उसे फिर क्वारैंटाइन सेंटर छोड़ दिया गया। यहां पर कुछ देर बाद ही श्रमिक फागूराम ने दम तोड़ दिया। इसके बाद से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैरान हैं। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के साथ दोबारा सैंपल लिया गया है। वहीं, अस्पताल से मरीज के डिस्चार्ज होने और कुछ घंटों बाद मौत ने सिम्स प्रबंधन को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/bilaspur-coronavirus-news-updates-chhattisgarh-worker-death-today-at-quarantine-center-127412154.html
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