कोरोना लॉकडाउन के दौरान कोटा की टीचर्स कालोनी में आधा दर्जन लोगों ने खामोशी से न केवल सरकारी जमीन पर कब्जा किया, बल्कि उसे प्लाट काटकर बेच दिया। जिन्होंने जमीन खरीदी, उन्होंने बाउंड्रीवाॅल बना ली और मकान बनाने के लिए काॅलम खड़े किए जाने लगे। लोगों की शिकायत पर अफसरों ने दो हफ्ते तक इस इलाके की जांच करवाई और साफ हुआ कि जमीन सरकारी है। इसके बाद गुरुवार को तहसील और जोन अफसरों ने पुलिस ले जाकर अवैध कब्जा हटा दिया। सरकारी जमीन पर जिस तरह से कब्जा किया गया, उससे प्रशासन हैरान है। मौके पर बड़े पैमाने पर भवन निर्माण सामग्री पड़ी मिली, कुछ प्लाट में बाउंड्री तन गई थी तो काॅलम भी खड़े हो रहे थे। इन्हें थ्री-डी मशीन ले जाकर तोड़ना पड़ा। इस मामले में पटवारी नरेंद्र कुमार सोनी को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकारी जमीन पर ऐसे कब्जे की सूचना के बाद एसडीएम प्रणव सिंह ने सभी राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों से उनके क्षेत्र की सरकारी जमीन की फील्ड रिपोर्ट और फोटो मंगवाए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अभी सरकारी जमीनों की क्या स्थिति है।
इन लोगों ने किया फर्जीवाड़ा
तहसील से मिली जानकारी के अनुसार चीयर्स कॉलोनी कोटा में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया था। इसमें सुभाष चक्रवती (0.019 हेक्टेयर), देवेंद्र ठाकुर (0.012 हे.), दीपक ठाकुर (0012 हे.), देवेंद्र खटवानी (0.007 हे.), राजेंद्र विमल (0.015 हे.) के अलावा तीन और लोगों ने क्रमश: 0.015, 0.020 और 0.015 हेक्टेयर जमीन कब्जे में ले रखी थी। प्रशासन इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहा है।
"सरकारी जमीन पर हुआअवैध कब्जा हटा दिया गया है। संबंधित पटवारी को निलंबित किया जाएगा। दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर होगी।"
-प्रणव सिंह,एसडीएम रायपुर
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/government-land-sold-in-kotas-teachers-nagar-when-people-raised-the-call-then-the-movement-removed-possession-127425253.html
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