कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के लिए अनुमति नहीं दी गई है। रायगढ़ में चार जगह से निकलने वाली रथयात्रा पर भी इसका असर पड़ेगा। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के पालन की बात कही तो समितियों ने तय किया कि इस बार कालिया दाऊ बलभद्र और बहन के साथ भीड़ में नहीं बल्कि सिर्फ 5 पंडितों के साथ मौसी के घर जाएंगे। रथयात्रा नहीं निकलेगी, विधान के अनुरूप पूजन के बाद पांच पंडित महाप्रभु को मौसी गुंडिचा के घर पैदल ही छोड़कर आएंगे।
शुक्रवार को राजापारा स्थित जगन्नाथ मंदिर में शाम को रथयात्रा को लेकर बैठक रखी गई थी। निर्णय हुआ कि इस बार राजापारा स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर के भीतर ही रथ तैयार किया जाएगा। मंगलवार रत्थोत्सव के दिन जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा को रथारूढ़ किया जाएगा। इसके दूसरे दिन बुधवार को फिर उन्हें पैदल मौसी के घर गांजा चौक ले जाया जाएगा। चांदनी चौक, सोनार पारा, गांजा चौक में भी रथयात्रा निकलती है, ये समितियां भी इस बार रथयात्रा नहीं निकालेंगी।
पिछले वर्षों तक एक साथ राजापारा, चांदनी चौक, सोनार पारा, गांजा चौक से रथयात्रा निकलती थी और वह घड़ी चौक तक जाती थी वापस मौसी के घर गांजा चौक में लाकर महाप्रभु को मौसी के घर छोड़ा जाता था। इस दौरान अलग-अलग मोहल्लों में मेला लगता था और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा।
भीड़ वाले किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं
"सुप्रीम कोर्ट ने पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए यहां भी रथयात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ वाले किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी, रथयात्रा पर अंतिम निर्णय कलेक्टर साहब लेंगे।''
-आरए कुरुवंशी, अपर कलेक्टर
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/this-time-mahaprabhu-will-go-to-mausis-house-with-five-pundits-not-devotees-127427228.html
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