दिल्ली की तरह राजधानी में 25 जगह मोहल्ला क्लीनिक, हर क्लीनिक में एक डॉक्टर कंपाउडर और नर्स भी रहेगी

दिल्ली की तर्ज पर अब राजधानी में 25 जगहों पर मोहल्ला क्लीनिक बनाए जाएंगे। अगर प्रयोग सफल रहा तो 70 वार्डों में इसी तरह मोहल्ला क्लीनिक खोले जाएंगे। प्राइवेट एजेंसी के जरिए इनका संचालन किया जाएगा। हर क्लीनिक में एक डॉक्टर कंपाउडर नर्स भी रहेगी, आम लोगों को सर्दी खांसी बुखार जैसे मामूली रोगों मेंं यहां प्राथमिक उपचार मिलेगा। इसके अलावा मामूली चोट घाव की सूरत में मरहम पट्टी भी होगी। मेयर एजाज ढेबर के मुताबिक पहले चरण के मोहल्ला क्लीनिक के लिए 25 में से ज्यादातर जगह तय हैं। अभी सर्वे चल रहा है लेकिन बैरन बाजार, पुरानी बस्ती, तिलक नगर, त्रिमूर्ति नगर, टाटीबंध, लाभांडी, देवेंद्र नगर और भाठागांव में जगह तय कर दी गई हैं। जल्द इसके लिए टेंडर होगा।
निगम प्रबंधन ने सभी 10 जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि मोहल्ला क्लीनिक के लिए वे अपने इलाके में जगह तलाश कर लें, ताकि सर्वे में शामिल कर इन्हें फाइनल किया जा सके। हालांकि मोहल्ला क्लीनिक के कांसेप्ट में कुछ विरोधाभास भी है। दरअसल करीब दो साल पहले मोहल्ला क्लीनिक के तहत शहर में निगम की तीन बची हुई सिटी डिस्पेंसरी को संवारने का एक प्लान लाया गया था। करीब 1.28 करोड़ रुपए खर्च कर राठौर चौक, कंकालीपारा और नयापारा में सिटी डिस्पेंसरी का रंग रोगन भी किया गया। लेकिन मरीजों की संख्या किसी भी जगह पर नई बढ़ पाई। अब एक बार फिर नया प्लान लाया जा रहा है।

अभी दो तरह की योजनाएं
निगम ने अरसा पहले अपने 18 अस्पतालों में से 15 को बंद कर शासन को सौंप दिया था। इनमें से 11 आयुर्वेदिक और तीन एलोपैथी के अस्पताल थे। शासन को सौंपे गए 15 हॉस्पिटल में फिलहाल शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के तहत संचालन हो रहा है।

तीन डिस्पेंसरी में मरीज नहीं, हाफ टाइम
करीब 6 महीने राठौर चौक, कंकालीपारा और नयापारा की सिटी डिस्पेंसरी को रंगरोगन किया गया। कोरोना काल में जब बड़े अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज हो रहा है। ऐसे वक्त में छोटे मोटे रोगों के लिए तीनों डिस्पेंसरी शहर के लिए वरदान साबित हो सकती थी, लेकिन दवाओं और डॉक्टरों की सतत उपस्थिति के बिना तीनों क्लीनिक किसी काम के साबित नहीं हुए। बचे हुए डॉक्टर केवल अपने रिटायर्ड होने का इंतजार कर रहे हैं। लिहाजा निगम के ये अस्पताल उदासीनता का शिकार बन गए हैं।

हेल्थ बजट सफाई में ही खर्च
निगम का 40 करोड़ का भारीभरकम हेल्थ बजट है। लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा केवल सफाई कार्यों पर ही खर्च होता है। हालात ऐसी रही कि सिटी डिस्पेंसरी के डॉक्टरों के हवाले भी स्वच्छता कार्य सौंपे गए।

"मोहल्ला क्लीनिक के जरिए मोहल्लों में ही प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित की जाएगी। अगर प्रयोग सफल रहा तो सभी 70 वार्डों में इसे संचालित किया जाएगा। पहले चरण की 25 जगहें करीब करीब तय हो चुकी है।"
- एजाज ढेबर, मेयर



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प्रतीकात्मक फोटो।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/like-delhi-there-will-be-mohalla-clinics-in-25-places-in-the-capital-a-doctor-compounder-and-a-nurse-in-every-clinic-127469156.html

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