राज्य के बीएड कॉलेजों में एडमिशन के लिए इस बार एंट्रेंस एग्जाम नहीं होगा। कोरोना काल में परीक्षा का आयोजन मुश्किल है। इसलिए सीटें बांटने के लिए नया फार्मूला अपनाया जा सकता है। ग्रेजुएशन के नंबरों के आधार पर सीटें आबंटित की जा सकती है। बीएड में प्रवेश को लेकर लॉकडाउन खत्म होने के बाद निर्देश जारी हो सकता है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) इसकी तैयारियों में है। बीएड पढ़ाई राज्य के 145 कॉलेजों में हो रही है। इन कॉलेजों में करीब 14 हजार सीटें हैं। शिक्षाविदों ने बताया कि जिस तरह से कृषि के स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए अब व्यापमं से प्रवेश परीक्षा नहीं होगी। इसकी सीटें बारहवीं के नंबरों के आधार पर आबंटित की जाएगी। कुछ ऐसा ही फार्मूला बीएड के लिए भी अपनाया जा सकता है। बीएड में प्रवेश के लिए कम से कम ग्रेजुएशन होना जरूरी है। इसलिए ग्रेजुएशन में मिले नंबरों को ही आधार बनाया जाएगा।
डीएल.एड के लिए एंट्रेंस मुश्किल: शिक्षाविदों ने बताया कि डीएल.एड के लिए एंट्रेंस एग्जाम होना मुश्किल है। बारहवीं के नंबरों के आधार पर इसकी सीटें आबंटित की जा सकती है। राज्य में 91 संस्थानों में इसकी पढ़ाई हो रही है। यहां 6770 सीटें हैं।
इसी तरह चार वर्षीय बीए.बीएड और बीएससी.बीएड के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन होने की संभावना कम है। चार वर्षीय इस कोर्स में बारहवीं के आधार पर प्रवेश होगा। पिछले दिनों व्यापमं से इसके लिए आवेदन मंगाए गए थे। बड़ी संख्या में फार्म मिले थे। अब फिर नए सिरे से आवेदन मंगाए जा सकते हैं।
बीएड के प्रवेश में होगी देरी
शिक्षाविदों ने बताया कि इस बार बीएड के प्रवेश में देरी होगी। ग्रेजुएशन के नंबरों के आधार पर भी सीटें आबंटित करने का निर्णय लिया जाता है तब भी प्रवेश होने में कुछ महीने लगेंगे। क्योंकि, बीएड के लिए ग्रेजुएशन अंतिम के छात्र भी बड़ी संख्या में आवेदन करते हैं। राजकीय विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षा नहीं हुई है। इसकी परीक्षा होने और नतीजे आने में अभी कुछ महीने लगेंगे। इसलिए बीएड के प्रवेश में देरी होगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/this-time-for-bed-no-examination-admission-with-graduation-marks-127542035.html
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