लाॅकडाउन का पहला दिन यानी बुधवार... सभी प्रमुख सड़कों पर पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी। तीन दिन पहले से अपील जारी करने के बाद भी पुलिस के लगभग हर चेक पाइंट पर ज्यादातर लोग ऐसे पकड़े गए, जो मनाही के बावजूद यूं ही घूमने निकल गए और पकड़े जाने के बाद अजीब बहाने बनाते नजर अाए। उनमें से ज्यादातर की मौके पर भी पोल खुलती रही। भास्कर की अलग-अलग टीमों ने विधानसभा रोड, मोवा थाना, शंकर नगर चौक, जयस्तंभ चौक, महादेव घाट ब्रिज, रायपुरा चौक, गोल चौक, पंडरी बस स्टैंड, फाफाडीह चौक, लाखेनगर चौक, पुरानी बस्ती और कोतवाली चौक लगे चेक पाइंट पर शहर आने वालों के कारण जाने। एक युवक ने आउटर में पुलिस को बताया कि मम्मी से मिलने शहर आ रहा है। मम्मी कहां रहती है, यह पूछने पर वह मोहल्ले या कालोनी का नाम नहीं बता सका। इसी तरह, कुछ युवकों ने पैसे लेने के लिए शहर आना बताया, लेकिन यही नहीं बता पाए कि कितने पैसे, कहां से और क्यों लेना है। कुछ कार और बाइक वाले तो यह कहते मिले कि दोस्त के यहां जाना है। इनमें से कई को पुलिस ने एकाध बेंत जमा दी, कुछ से उठक-बैठक करवाई तो कुछ को चेतावनी देकर उल्टे पांव लौटा दिया।
1. कोई काम नहीं, मिलने चले आए
विधानसभा रोड पर जब्बार नाले के पास चेक पाइंट लगा था। पुलिस ने एक पैदल युवक को रोका तो उसने बताया कि उरकुरा से आया है और मम्मी के पास जा रहा है। पुलिस पूछती रही, पर वह काफी देर तक नहीं बता पाया कि शहर में उसकी मम्मी रहती कहां है। कुछ देर बाद खरोरा की ओर से आ रही एक गाड़ी रोकी गई तो युवक ने बताया कि दोस्त से मिलने जा रहा हूं।
2. आज ही याद आयापैसे लेने जाना है
महादेव घाट पुल के पास हो रही जांच में ज्यादातर लोग ऐसे निकले, जो अस्पताल जा रहे थे। लगभग सबने इलाज की अपडेट फाइलें रखी थीं। इस बीच शहर से अमलेश्वर की ओर जाते युवक को रोका गया, तो उसने बताया कि पैसे लेने गांव जा रहा है। पुलिसवालों ने पूछा कि दो-तीन दिन पहले या आज सुबह 10 बजे से पहले क्यों नहीं गया, तो उसने कहा-अभी याद आया कि पैसे नहीं हैं। जाहिर है, पुलिस ने उसे लौटा दिया। यहां से कुछ ट्रक लौटाए गए।
3. भागते हुए दूसरों से कहा-पुलिस है, तुम भी भागो
शहर के बीचोबीच जयस्तंभ चौक पर दोपहर 11 बजे ज्यादातर ऐसे लोग मिले तो राखी के लिए डाकघर जा रहे थे, या फिर सिलेंडर लेने। इस बीच, पुलिस ने बाइक सवार युवकों को रोकना शुरू किया जो मास्क नहीं पहने थे। चालान होता देखकर कई लोग चौक आने से पहले ही उल्टे पांव लौट गए। यही नहीं, दूसरी तरफ से आने वालों को जाते-जाते यह ताकीद भी करते रहे कि आगे मत जाना। पुलिस रोक रही है। यह सिलसिला शहर में रात तक चला।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/have-to-go-to-the-mother-have-to-bring-money-from-the-village-did-not-know-the-lockdown-sir-127541989.html
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