छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के अध्यक्ष रसिक परमार ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने हाथ से लिखा अपना इस्तीफा बुधवार को पंजीयक सहकारी संस्थाएं को भेजा है। साथ ही उसकी एक कॉपी महासंघ के एमडी को भी भेजी है। भेजे गए इस्तीफे में परमार ने सिर्फ इतना लिखा है कि, मैं अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। परमार के ऊपर पद पर रहते हुए महासंघ को आर्थिक हानि पहुंचाने का आरोप है।
3 साल चुनाव लड़ने पर लगाया था प्रतिबंध
बताया जा रहा है कि करीब 15 दिन पहले दुग्ध महासंघ देवभोग के अध्यक्ष पद से रसिक परमार को पंजीयक सहकारी संस्था ने हटा दिया था। इसके साथ ही तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाई है। सहकारी संस्थाएं के पंजीयक हिमशिखर गुप्ता ने यह आदेश जारी किया था। फिलहाल उनके इस्तीफे की जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दे दी गई है। इसके बाद नया अध्यक्ष नियुक्त होने की संभावना है।
गड़बड़ी को लेकर एफआईआर होने की संभावना
आरोप है कि रसिक परमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दुग्ध महासंघ को आर्थिक हानि पहुंचाई। इस दौरान ऑडिट में 25 करोड़ से अधिक की अनियमितता पकड़ी गई है। सूत्रों के मुताबिक जांच कमेटी की आडिट रिपोर्ट के आधार पर शासन की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। रिपोर्ट में छल-कपट से सात साल पद पर बने रहने की बात भी सामने आई है। इसके भनक लगने के बाद ही परमार ने अपने पद से इस्तीफा दिया है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/rasik-parmar-resigned-president-of-chhattisgarh-cooperative-milk-federation-in-raipur-127540009.html
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