बुधवार को आकाशीय बिजली की चपेट में दो युवतियां आ गईं। इन्हें ग्रामीणों ने अस्पताल ना ले जाकर गोबर का लेप लगाकर छोड़ दिया। जब युवतियों की स्थिति ठीक नहीं तो अस्पताल लेकर गए। अब एक युवती की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दूसरे भी इस घटना में बुरी तरह से घायल है। घटना जिले के कोतबा चौकी क्षेत्र की है।
शाम करीब 4 बजे खेत में धान की फसल का रोपा लगा रही सौहद्रा सिदार और पूनम सिदार पर बिजली आ गिरी। बिजली गिरने की वजह से दोनों युवतियां बेहोश हो गईं। लोग इन्हें घर ले आए। यहां परिजनों ने इनके शरीर पर गोबर लपेट दिया। पूर्व पार्षद पीताम्बर पैंकरा ने जागरूकता का परिचय देते हुए। युवतियों को अपनी गाड़ी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में छोड़ा। केंद्र के प्रभारी डॉ अर्जुन सिंह ठाकुर ने एक युवती की स्थिति गंभीर बताई है।
अंधविश्वास के चक्कर में जा चुकी है जान
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने बताया कि अंधविश्वास के चलते बिजली गिरने से झुलसे पीड़ित व्यक्ति को गोबर के गड्ढे में कंधे तक गाड़ कर इलाज करने के मामले छत्तीसगढ़, बिहार ,झारखण्ड, ओडिशा के ग्रामीण अंचलों से सामने आते हैं। इससे कई लोगों की जान जा चुकी है। यह इलाज नहीं, अंधविश्वास है। ऐसे लोगों को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए। जशपुर में ही 28 जून को बागबहार क्षेत्र में अकाशीय गाज के चपेट में आने वाले युवक और युवती को ग्रामीण अस्पताल ले जाना छोड़कर गोबर के गढ्ढे में दबाकर ठीक होने का इंतजार करने लगे। इन दोनों की मौत हो गई थी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/lightning-fell-on-two-young-women-in-jashpur-critical-condition-people-applied-cow-dung-instead-of-being-taken-to-hospital-127540113.html
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