विधानसभा के मानसून सत्र का आखिरी दिन काफी हंगामेदार रहा। विपक्षी सदस्यों ने यूरिया व अन्य खाद की किल्लत और बीज की कालाबाजारी को लेकर जमकर हंगामा किया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को आसंदी द्वारा अग्राह्य करने के बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। शून्यकाल में भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पूरे प्रदेश में खाद और यूरिया की किल्लत होने के कारण किसान परेशान हैं।
यूरिया के अभाव में धान सड़ रहे हैं। अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश की सोसायटियों में यूरिया के नाइट्रोजन की भारी किल्लत है 12 हजार हेक्टेयर से ज्यादा में जर्मीनेशन नहीं हो पाया है। नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने कहा कि जिनके पास खेत हैं, उसे यूरिया नहीं मिल रहा है। प्रदेश में यूरिया की कालाबाजारी भी हो रही है। सोसाइटी में खाद-बीज नहीं है और व्यापारियों के पास है। किसानों को व्यापारियों से अधिक दाम में खाद खरीदना पड़ रहा है। जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि पूरे प्रदेश में कहीं भी खाद और यूरिया की कोई किल्लत नहीं है। न ही खाद की कालाबाजारी हो रही है, बल्कि पर्याप्त मात्रा में सभी सोसाइटी में ये उपलब्ध है। मंत्री के जवाब के बाद आसंदी ने विपक्ष के इस स्थगन को अग्राह्य कर दिया। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने सत्तापक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। वे स्थगन पर चर्चा की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर हंगामे के बाद नारेबाजी करते हुए विपक्ष के सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
स्टाॅपडैम निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, जांच की घोषणा
कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने प्रश्नकाल में गरियाबंद के तालझोर नाला में स्टापडैम निर्माण में गड़बड़ी का मामला उठाया। साहू ने कहा कि स्टापडैम पिछले साल बह गया था। मगर विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को गलत जानकारी दी कि स्टापडैम की मरम्मत का काम चल रहा। साहू ने टूटे स्टापडैम की तस्वीर भी दिखाई। इस पर जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने ईएनसी स्तर के अफसर से इसकी जांच कराने की
घोषणा की। मंत्री ने बताया कि गरियाबंद के ग्राम गिरसुल के तालझोर नाला में स्टापडेम निर्माण के लिए 62 लाख 23 हजार का टेंडर मेसर्स एचपी कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। 8 मई 2018 तक इसको पूरा करना था। कार्य पूर्ण किए जाने के लिए 31 जनवरी तक समयावृद्धि की गई थी। जिसे 25 जनवरी 2019 को पूरा कर लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल अति बारिश के कारण 4 मीटर तक का हिस्सा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसे सुधार कर लिया गया। लिखित जवाब पर कांग्रेस सदस्य ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि विभाग ने गलत जानकारी दी है। विधानसभा में सवाल लगा तो सीमेंट की बोरियां गिराई गई हैं। साहू ने कहा कि पिछले तीन साल में करोड़ों के काम पीस वर्क में दिए गए हैं। अफसर कार्यस्थल पर नहीं जाते और न ही इसका निरीक्षण करते हैं। चौबे ने कहा कि मुख्य स्ट्रक्चर में गड़बड़ी नहीं है। फिर भी इसकी ईएनसी स्तर के अफसर से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीस वर्क की भी जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में जोड़ने संकल्प
छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का शासकीय संकल्प विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ। सीएम भूपेश बघेल ने इसे प्रस्तुत करते हुए कहा कि साल 2007 में भी अशासकीय संकल्प लेकर आए थे। सर्वसम्मति से पारित करने के बाद इसे भारत सरकार के पास भेजा गया था लेकिन इसे आज तक आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़िया को प्राथमिकता में रखते हुए एक समिति बनाई जानी चाहिए।
सहकारी सोसाइटी का नुकसान करने वाले पदाधिकारी 6 साल नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्ष के विरोध के बीच छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी संशोधन विधेयक पारित हो गया। अब सोसाइटी को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी अफसर या पदाधिकारी बोर्ड के सदस्य या किसी सोसाइटी के प्रतिनिधि के रूप में छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेगा।
सहकारी सोसाइटी के अफसर या पदाधिकारी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो या ईओडब्लू या किसी अन्य अधिकरण द्वारा जांच की अनुमति अब राज्य सरकार से लेनी होगी। विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह ने कहा कि संशोधन के जरिए सहकारी नियमों को सरल किया गया है। इससे पहले सत्ता पक्ष के विधायक सत्यनारायण शर्मा ने धारा 11 में संशोधन करते हुए अवधि को 30 दिन करने की मांग की। सदस्यता मौलिक अधिकार, चुनाव का प्रावधान, को आपरेटिव बैंक के अधिकारियों से सीईओ बनाने और नॉन बैंकिंग अफसर सीईओ न बन पाए, इसका ध्यान रखने की बात कही। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि को-आॅपरेटिव मध्यप्रदेश और गुजरात के हिसाब से सफल नहीं हो सका।
विधायकों का बढ़ेगा पेंशन-भत्ता, बस्तर विवि महेंद्र कर्मा के नाम पर
विधायकों के भत्ते और पेंशन बढ़ाने का विधेयक 10 मिनट में सर्वसम्मति से पारित हो गया। इसके तहत विधायक की यात्रा पात्रता राशि के साथ ही पेंशन राशि बढ़ा दी गई है। पारिवारिक पेंशन जीवनकाल के लिए होगा। बस्तर विश्वविद्यालय का नाम शहीद महेंद्र कर्मा पर होगा। क्षेत्र में सुकमा जिला जोड़ा गया है। अनुसूचित जनजाति आयोग में अब छह अशासकीय सदस्यों में से चार सदस्य अनुसूचित जनजाति समुदाय से होंगे। सभी सदस्य एसटी से संबंधित मामलों के विशेषज्ञ होंगे। इसके एक अध्यक्ष व एक उपाध्यक्ष होगा, जिसकी नियुक्ति राज्य सरकार करेगी और ये राज्य सरकार के प्रसाद पर्यंत पद पर रह सकेंगे। इसी प्रकार ओबीसी आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्याें की नियुक्ति अवधि भी राज्य सरकार के अनुसार तय होगी। प्रापर्टी पर लगने वाले स्टांप शुल्क में मार्च 2021 तक छूट देने से संबंधित नगर पालिका संशोधन विधेयक पारित हो गया। निकायों के आय में आई कमी को ध्यान में रखकर 1 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है।
शोध पत्रिका विधायन का विमोचन
स्पीकर डॉ. चरणदास महंत व सीएम भूपेश बघेल ने विधानसभा की शोध पत्रिका विधायन का विमोचन किया। यह अंक पर्यावरण पर केंद्रित है। अविभाजित मध्यप्रदेश में शोध पत्रिका विधायनी का प्रकाशन होता था। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पश्चात छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायन नाम से पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 2001 से प्रारंभ हुआ। स्पीकर डॉ. महंत की रुचि, निर्देश व मार्गदर्शन पर अब नियमित रूप से प्रकाशन शुरू किया गया है। विधानसभा पर केंद्रित वृत्तचित्र का भी विमोचन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल व प्रमुख सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े भी उपस्थित थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/uproar-over-urea-shortage-and-black-marketing-opposition-walkout-11-bills-also-passed-127663443.html
एक टिप्पणी भेजें