प्रदेश में 1209 नए केस, कुल मामले 24 हजार के पार, अंतरराज्यीय बसें चलेंगी

रायपुर में कोरोना से हालात अब बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार को दिनभर में शहर में 618 मरीज मिले हैं। प्रदेश में कोरोना तेजी से फैल रहा है और एक दिन में 1209 मरीज मिले हैं। हाईकोर्ट जज राजेंद्र चंद्र सिंह सावंत, आईएएस रजत कुमार और बिलासपुर कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर कोरोना संक्रमित हो गए हैं। रायपुर में 5, बीजापुर, दुर्ग में 2-2, बेमेतरा व कवर्धा में एक-एक समेत 11 मरीजों की मौत भी हुई है। इसे मिलाकर प्रदेश में 233 व रायपुर में 123 की मौत हो चुकी है। प्रदेश में मरीजों की संख्या 24550 व एक्टिव केस 10174 है। 413 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। अब तक 14145 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं भूपेश सरकार ने राज्य में अंतरराज्यीय बसें चलाने की अनुमति दे दी है। प्रदेश समेत राजधानी में कोरोना के बेलगाम रफ्तार से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अस्पतालों में गंभीर मरीजों के लिए बेड कम पड़ने लगे हैं, क्योंकि प्रदेश में एक्टिव केस 10 हजार से पार हो चुके हैं।


प्रदेश के 35 फीसदी मरीज केवल रायपुर में है। यह चिंताजनक स्थिति है। नेहरू मेडिकल कॉलेज में ऑर्थो के एचओडी डॉ. एस फुलझेले व एचओडी माइक्रो बायोलॉजी डॉ. अरविंद नेरल के अनुसार मरीजों के संपर्क में आने के कारण लगातार केस बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को जरूरी सावधानी बरतनी होगी। जो भी पॉजिटिव आ रहे हैं, उनका कारण पता चल रहा है। ऐसे में कम्युनिटी स्प्रेड की आशंका कम है।

क्वार्टर में मृत मिले डॉक्टर: बीजापुर में जिस डॉक्टर की मृत्यु हुई, उनकी पोस्टिंग जिला अस्पताल में थी। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वह होम आइसोलेशन पर रहकर इलाज करवा रहे थे। परिजनों ने उन्हें बार-बार फोन किया और रिसीव नहीं किया तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। जब क्वार्टर गए तो डॉक्टर मृत अवस्था में मिले।
यहां मिले नए मरीज: दुर्ग से 112, रायगढ़ से 70, राजनांदगांव से 47, महासमुंद से 36, बीजापुर से 28, बिलासपुर से 24, बस्तर से 23, नारायणपुर से 21, बेमेतरा व सरगुजा से 20-20, धमतरी से 18, कांकेर से 14, बालोद व बलौदाबाजार से 13-13, जांजगीर-चांपा व मुंगेली से 12-12, सूरजपुर से 11, कवर्धा से 9, कोंडागांव व सुकमा से 7-7, दंतेवाड़ा से 6, बलरामपुर व अन्य राज्य से 3-3, पेंड्रा व जशपुर से एक मरीज मिले हैं। बुधवार को 25 जिलों से नए मरीज मिले हैं।

प्रदेश में व्यवस्था हो तो कितने भी मरीजों को कलेक्टर दे सकेंगे होम आइसोलेशन
प्रदेश में कितने मरीजों को होम आइसोलेशन दिया जाना है, यह बंधन स्वास्थ्य विभाग ने खत्म कर दिया है। अर्थात, कलेक्टर संबंधित संक्रमित के घर में पर्याप्त इंतजाम रहने पर होम आइसोलेशन की अनुमति दे सकेंगे और इसके लिए जिले में संक्रमितों की संख्या की सीमा नहीं रहेगी। स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने कलेक्टरों को नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप होम आइसोलेशन की अनुमति देने कहा है। यह भी कहा गया है कि मरीज को रहने संबंधी सारे मापदंड और शर्तें पूरी करनी हो‌ंगी। स्वास्थ्य विभाग ने कुछ अरसा पहले होम आइसोलेशन के लिए हर जिले में मरीजों की संख्या निर्धारित की थी। ताजा आदेश में संख्या का यही बंधन हटाया गया है।

यात्रियों का रिकाॅर्ड जरूरी, ई-पास नहीं
कोरोना काल में लोगों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने पांच महीने बाद अंतरराज्यीय सीमाएं खाेल दी हैं। अब राज्य में पहले की तरह नेशनल परमिट की गाड़ियां दौड़ेंगी। कोरोना को लेकर तय गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होगा। यात्रा के दौरान यात्रियों व ड्राइवर द्वारा धूम्रपान, पान, गुटखा, खैनी खाना और थूकना प्रतिबंधित रहेगा। ड्राइवर के केबिन में प्रवेश वर्जित होगा। बस में केबिन नहीं होने पर प्लास्टिक अथवा पर्दे से केबिन बनाकर यात्रियों से अलग रखा जाएगा। यात्रियों का रिकाॅर्ड रखना होगा।



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धमतरी की कोविड लैब में एंटीजेन किट से जांच कराने बुधवार को कतार लगी रही।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/1209-new-cases-in-the-state-total-cases-cross-24-thousand-interstate-buses-will-run-127655974.html

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