नक्सली फहराते थे काला झंडा, अब करीब 30 साल बाद मारजूम में लहराएगा तिरंगा

बस्तर और दंतेवाड़ा जिले की सरहद पर बसे धुर नक्सलगढ़ गांव मारजूम में करीब तीन दशक बाद आजादी का जश्न मनाया जाएगा। नक्सलवाद की गिरफ्त में आने के बाद यहां कभी तिरंगा नहीं फहराया गया। फोर्स ने इस गांव को आजाद कराया लिया है। यहां ग्रामीण और नक्सल पीड़ित दोनों परेड में शामिल होंगे। दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव इस परेड में शामिल होने वाले थे और कई कार्यक्रम भी प्रस्तावित थे, लेकिन उनकी पत्नी व बच्चे कोरोना पाॅजिटिव हैं इसलिए वे खुद क्वारेनटाइन हो गए हैं। यहां इस स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार राष्ट्रध्वज फहरेगा, राष्ट्रगीत होगा, सबसे खास और बड़ी बात ये कि यहां परेड भी होगी। ये ज़िले का पहला गांव होगा जहां के ग्रामीण गांव में परेड करेंगे। ये वह गांव है जहां अब तक नक्सली 15 अगस्त व 26 जनवरी को काला ध्वज ही फहराते रहे हैं।



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ये परेड करवाने वाले राजेंद्र प्रसाद राव अब डीआरजी दंतेवाड़ा में एएसआई हैं। सन 2000 में नक्सलियों ने इनके पिता को मार डाला था। इसके बाद ये 2008 में आरक्षक के रूप में फोर्स में भर्ती हुए। कई नक्सली ऑपरेशन में शामिल रहे जगरगुंडा के राजेंद्र मारजूम में परेड की तैयारी करा रहे हैं।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/naxalites-used-to-hoist-black-flag-now-after-nearly-30-years-the-tricolor-will-be-hoisted-in-marjum-127619523.html

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