देवीलाल साहू | लगातार तीन दिन की बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई। इससे जिले में सब्जी की फसल चौपट हो गई है। नदी किनारे के गांवों में 46948 एकड़ की सब्जी पानी में डूबने से खराब हो गई। जिले में लगाई गई कुल फसल का यह 35% है। सब्जी बाड़ी करने वाले किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। हाल यह है कि 80% किसानों ने कर्ज लेकर इस उम्मीद से फसलों को तैयार करने में जुटे थे कि उन्हें फायदा पहुंचेगा लेकिन बारिश ने उनकी कमर तोड़ दी। प्रशासन का दावा है कि किसानों को राहत देने के लिए सर्वे कराया जाएगा।
कोरोना काल में कर्ज लेकर फसल लगाई, अब बर्बाद
पानी में डूब गई पूरी फसल: पथरिया के किसान संदीप सोलंकी के बाडी में लगे 10 एकड़ की मिर्ची, 10 एकड़ की लौकी, 5 एकड़ की शिमला मिर्च पूरी तरह पानी में डूब गई और 80 फीसदी फसल खराब हो गई। 4 एकड़ में तैयार गोभी नहीं बची। इस बाड़ी में 15 एकड़ क्षेत्रफल में लगाए गए टमाटर और इसकी नर्सरी खत्म हो गई। प्रशासन से राहत की उम्मीद है।
15 एकड़ में गोभी की नर्सरी बर्बाद: पथरिया के किसान लीमन साहू की बाड़ी में 17 एकड़ में लगा करेला, 12 एकड़ में लगी मिर्ची और 5 एकड़ की गोभी पानी में डूब गई। इन सब्जियों को हाल ही में तोड़कर मार्केट में एक बार ही बेच पाए थे और मौसम की मार पड़ी। 15 एकड़ के लिए गोभी की नर्सरी तैयार की थी वह भी नष्ट हो गई। मुआवजा की मांग करते हैं।
पानी में तैर रहे सब्जी: समोदा के किसान कैलाश साहू की 4 एकड़ में लगे करेला, लौकी की फसल नहीं बची। करंजा भिलाई के किसान राजू के बाड़ी में 8 एकड़ में लगा करेला, भिंडी और लौकी बर्बाद हो गई। झेंझरी के किसान विजय देशमुख के 10 एकड़ में लगा खीरा और बरबटी पानी में डूब गया। ननकट्टी के किसान रवि ताम्रकार का 4 एकड़ का कुम्हड़ा व करेला डूब गया।
जिले के नदी किनारे के इन गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान
महमरा, चंगोरी, पीपरछेड़ी, कोटनी, मोहलई, तिरगा, झोला, जेवरासिरसा, भेड़सर, मालूद, बेलोदी, भरदा कोनारी, कौही, ओदरागहन, केसरा , करंजाभिलाई, झेंझरी, सगनी, परसुली, सिली, खिलौराकला, तुमाखुर्द, तुमाकला, सुखरीकला, समोदा, पथरिया, लिटिया, सेमरिया, अछोटी में फसल बर्बाद हो गई।
जबकि जिले में सिर्फ 169 किसानों ने बीमा कराया
80 फीसदी फार्मरों ने सब्जी फसल का बीमा नहीं करवाया है। फार्मरों ने बताया कि सब्जी भाजी का बीमा नहीं करवाते इसलिए कि ये तीन महीने में तैयार हो जाते हैं। जिला उद्यानिकी विभाग के मुताबिक केवल 169 फार्मरों ने सब्जियों का बीमा करवाया है। जिन्होंने बीमा नहीं कराया, उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
जिले में हुई इनकी फसल
- टमाटर - 25500 एकड़ में
- मिर्ची - 4662 एकड़ में
- धनिया - 1870 एकड़ में
- साग-सब्जी - 73677 एकड़ में
- अन्य सब्जी - 28537 एकड़ में
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/durg/news/35-crop-of-vegetable-wasted-due-to-three-days-of-rain-80-is-not-even-insured-127665982.html
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