(संजय मिश्रा) जिले की कई पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल है। दीवारें दरक रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्र परिसर का उपयोग फिलहाल मवेशियों को रखने के लिए किया जा रहा है। पीने के पानी और शौचालय तक की सुविधा नहीं है। केंद्र की नई शिक्षा नीति में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरपंच बोले- बच्चे नहीं आ रहे इसलिए कांजी हाउस बना दिया
तखतपुर ब्लॉक अंतर्गत पथर्रा ग्राम पंचायत में आने वाले मोहनभाठा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र को पंचायत ने घेर दिया है। गांव में कांजी हाउस के लिए भवन नहीं होने की वजह से स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र के परिसर का उपयोग फिलहाल आवारा मवेशियों के बाड़े के तौर पर हो रहा है। परिसर में लंबी-लंबी घास उग आई है। सरपंच एनके सिदार कहते हैं कि वर्तमान में बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे हैं। इसलिए यह अस्थाई व्यवस्था है।
गड्ढों के बीच आंगनबाड़ी केंद्र शौचालय तक नहीं
तखतपुर ब्लॉक के ही भरारी ग्राम पंचायत में आखिरी छोर पर बने आंगनबाड़ी केंद्र के आसपास गहरे गड्ढे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र की बाउंड्रीवॉल नहीं है और शौचालय खंडहर हो चुके हैं। पानी की कोई व्यवस्था परिसर में नजर ही नहीं आई। पंचायत के उपसरपंच अश्वनी भास्कर यह बता नहीं पाए कि उन्होंने अब तक यहां की स्थिति सुधारने के लिए कोई काम क्यों नहीं किया। इतना कहा कि सोमवार को होने वाली बैठक में प्रस्ताव शामिल करेंगे।
दरक रही दीवारें, पालक बोल रहे- नहीं भेजेंगे बच्चे
टांड़ा ग्राम पंचायत परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की दरकी दीवारें साफ नजर आ रही हैं। यहां रहने वाले रवि कौशिक के अनुसार 35 बच्चे यहां पढ़ते हैं। उनका खुद का बच्चा भी पढ़ता है। जिस तरह भवन की स्थिति नजर आ रही है वैसी हालत में वे अपने बच्चे को अब वहां नहीं भेजेंगे। इधर, पंचायत के उपसरपंच अमरनाथ कैवर्त्य के अनुसार सरपंच उनकी नहीं सुनते। इसलिए अब तक कोई काम नहीं हो पाया।
आंगनबाड़ी केंद्रों के रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायत की
आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन के रखरखाव के लिए शासन से कोई फंड नहीं आता। इसलिए केंद्रों के रखरखाव की पूरी तरह जिम्मेदारी पंचायत की है। - नेहा राठिया, जिला महिला बाल विकास अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग
जनपदों से मंगाएंगे जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची
हमने अभी 56 नए आंगनबाड़ी स्वीकृत किए हैं। जो पुराने आंगनबाड़ी केंद्र भवन हैं उसकी जनपद से सूची मंगाएंगे। जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाएंगे। - गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सीईओ, जिला पंचायत बिलासपुर
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/anganwadi-center-made-cattle-enclosure-children-will-study-for-3-years-in-cracking-walls-and-without-floors-127602966.html
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