लॉकडाउन के चलते सभी पर्व और त्योहार शासन के नियमों का पालन करते हुए मनाए जा रहे है। शहर की गणेशोत्सव समितियां भी भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना शासन के नियमों का पालन करते हुए करेंगी। गणेशोत्सव अब 14 दिन दूर है, इसके साथ ही समितियों की तैयारियां शुरू हो गई है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए समितियां आजादी के पहले की इस परंपरा को बचाने में जुटी हुई है।
दशकों पुरानी यह परंपरा न टूटे इसके लिए शहर की प्रतिष्ठित समितियां 4 फीट की मूर्ति स्थापित करेगी। श्रद्धालु और आमजन को भगवान के दर्शन नहीं हो सकेंगे। अब तक शहर में गणेशोत्सव में भगवान के अलग-अलग रूप और पौराणिक कथाओं पर आधारित मंच की सजावट देखने को मिलती थीं।
इस बार सुबह-शाम पुजारी के साथ सीमित सदस्य पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं आसपास के गांव और दूसरे शहर से भगवान के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए दिन-भर मंचों को बंद रखा जाएगा। वहीं इस बार झांकी भी नहीं निकाली जाएगी और विसर्जन के लिए सिर्फ 4 लोगों को ही जाना होगा।
गुढ़ियारी गणेशोत्सव समिति, गुढ़ियारी
आजादी के पहले से गणेशोत्सव मनाने वाली गुढिय़ारी गणेशोत्सव समिति इस बार भगवान की छोटी मूर्ति स्थापित करेगी। समिति के सदस्यों ने बताया कि परंपरा न टूटे इसके चलते शासन के नियमों का पालन करते हुए हॉल में मूर्ति स्थापित की जाएगी।
जय भोले गणेशोत्सव समिति, कालीबाड़ी
समिति के अध्यक्ष कृष्णा साहू बताते है कि पिछले 20 वर्षों से यहां गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। हर साल यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते थे। वहीं इस वर्ष शासन के नियमों का पालन करते हुए छोटे स्वरूप उत्सव मनाया जाएगा।
श्री विनायक गणेशोत्सव समिति, प्रभात टॉकीज
समिति के अध्यक्ष गुरमीत सिंह बताते है कि इस बार मूर्ति स्थापना बड़े पैमाने पर नहीं होगी। शासन के नियमाें का पालन करते हुए छोटी मूर्ति स्थापित की जाएगी। सुबह-शाम पुजारी और समिति के सीमित सदस्य पूजा करेंगे।
श्री श्रमजीवी गणेशोत्सव समिति, टिकरापारा
समिति के पदाधिकारी विकास साहू और राहुल पटेल ने बताया कि आजादी के पहले से यहां भगवान गणेश की स्थापना हो रही है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार सार्वजनिक रूप से मूर्ति स्थापना नहीं होगी।
इन नियमों का समिति को करना होगा पालन
जिला प्रशासन की तरफ से इस बार झांकी की भी अनुमति नहीं दी गई है। मूर्ति का साइज 4 फीट और पंडाल का 15 फीट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। पंडाल में कुर्सियां नहीं लगेंगी, साथ ही 20 से ज्यादा लोग एक बार में वहां मौजूद नहीं होंगे। श्रद्धालुओं का नाम पता और मोबाइल नंबर लिखना होगा, जिससे कि संक्रमित मिलने पर उसका कांटेक्ट मिल सके। पंडाल में सीसीटीवी लगाना होगा। बिना मास्क के मूर्ति दर्शन की अनुमति नहीं होगी। सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवॉश, क्यू मैनेजमेंट की व्यवस्था करनी होगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार मिलने पर पंडाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/ganesha-statues-of-4-4-feet-will-be-installed-to-save-tradition-will-follow-the-rules-of-governance-so-that-corona-infection-does-not-occur-127593389.html
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