शहर में त्योहार के माहौल में बाजारों में सन्नाटा है। वजह है- कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन। सिर्फ सब्जी, दूध, फल की दुकानें ही खुली हैं। किराना दुकानों को भी बंद रखा गया है। इस सख्ती का विरोध अब व्यापारियों ने शुरू कर दिया है। रविवार को कपड़े, फैंसी आइटम और अन्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों ने रविवार को सब्जी बेचकर प्रशासन को गुस्सा दिखाया। इसी के साथ दुकानें खोलने की अनुमति की मांग इस वर्ग ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं।
कोरोना से नहीं हम कर्ज से मर जाएंगे
भिलाई चेंबर ऑफ कॉमर्स के संयोजक अजय भसीन और प्रदेश उपाध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने बताया कि ये प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ है। अब तक के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि व्यापारी वर्ग की परेशानियों को नजर अंदाज किया गया है। अजय भसीन ने कहा कि त्योहारी सीजन में सभी व्यापारियों ने एक बड़ी तैयारी की होती है। रक्षाबंधन के त्योहार पर राखी और मिठाई दुकान तक को खोलने की अनुमति नहीं है। ऐसे में व्यापारी वर्ग करोना से तो नहीं लेकिन कर्ज व परेशानियों से मर जाएगा।
प्रशासन का तर्क
कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने कहा कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए 6 अगस्त की रात 12 बजे तक लॉकडाउन के आदेश जारी किए गए हैं। भीड़ संक्रमण की बड़ी वजह हो सकती है, इसलिए प्रतिबंध लगाया गया है। रक्षाबंधन की खरीदी के लिए नागरिकों को सुविधा देने के मकसद से 29,30, 31 जुलाई और 1 अगस्त को किराना दुकान और राखी के स्टॉल सुबह 6 बजे से 10 बजे तक खोले गए थे। जिसका फायदा आम शहरियों को मिला है। ईद के त्यौहार में उपयोग में आने वाली चीजों के भी स्टॉल लगाने की अनुमति दी गई थी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/there-is-protest-against-lockdown-in-bhilai-city-businessmen-have-protested-against-district-administration-collector-sarveshwar-bhure-by-selling-vegetables-127577039.html
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