बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश को देखते हुए गुरुवार को दोपहर जेसीबी लेकर पहुंचे पार्षद शेषनारायण यादव ने पहले ट्रैक्टर शो रूम के पीछे नाले पर बनीं दीवार तोड़वाई। इसके बाद जब जेसीबी से खोदवाया तो पुराना नाला निकल आया।
नाले के भीतर जमा पानी की धार फूटी और राजस्व के नक्शे से गायब नाला उभरकर सामने आ गया। कल तक राजस्व विभाग से सुर मिला रहे नगर पालिका प्रशासन ने भी स्वीकार कर लिया कि नाला वहीं है। हालांकि राजस्व विभाग अभी भी रिकाॅर्ड में नाला नहीं होने की बात पर अड़ा हुआ है। आरआई इंद्रपाल टेकाम का कहना है कि पानी का बहाव तो निजी जमीन से भी बना सकता है, उसे नाला कैसे मानें? इससे पहले मौके पर पहुंचे राजस्व व नगर पालिका के अमले ने सीधा कह दिया था वहां नाला है ही नहीं।
अपने इस कथन को प्रमाणित करने के लिए पटवारी और नजूल नक्शा भी दिखाया। इस दौरान अफसरों ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय परिसर में स्थित नाले के मूल स्वरूप को भी आधार नहीं माना। गुरुवार को नाले को जेसीबी से खोदकर निकालने में नगर पालिका के अमले को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
नाराज पार्षद पति ने खुद खोला पानी के लिए रास्ता
इधर शिवमंदिर के पास बारिश का पानी रुकने से नाराज पार्षद पति अय्यूब सोलंकी ने खुद चेंबर खोलकर रास्ता बनाया। इसके बाद मौके पर पहुंचे जेसीबी से आगे की मिट्टी हटवाई। इससे पहले वहां के रहवासियों ने वीडियो बनाकर पार्षद को भेजा था। अय्यूब की नाराजगी इसी बात को लेकर थी कि उनकी शिकायत के बावजूद नगर पालिका में सुनवाई नहीं हो रही। वे गुस्से में नगर पालिका पहुंचे और उपाध्यक्ष रामाधार रजक को अपनी पीड़ा बताई। दोनों शिवमंदिर रोड पहुंचे और समस्या का हल निकाला।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/khairagarh/news/drain-missing-from-the-map-dug-out-of-jcb-127660783.html
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