सजकर निकले हिंडोले, न बैंड बजे न आतिशबाजी हुई, बस दूर से दर्शन

120 साल पुराना वामन द्वादशी का तीन दिवसीय मेला 1 दिन में सिमट कर रह गया। शनिवार काे सुबह वामन भगवान के स्वागत के लिए श्री सनातन धर्मा सभा के सदस्याें ने पुरानी अनाज मंडी के पंडाल में हवन का आयाेजन किया। इसी के साथ बड़े ठाकुर द्वारा से वाहन में हिंडोले काे निकाला गया। उसके साथ अन्य मंदिरों श्री राधे कृष्ण मंदिर, ठाकुरद्वारा कलाल माजरी, कलालमाजरी व नाैहिराण मंदिर के हिंडोले जुड़ते गए।

पिछले सालाें की भांति शाेभायात्रा में भव्य बैंड-बाजे, टिपरी व ताशाें के संगीत आदि नजर नहीं आए लेकिन भक्ताें का उत्साह देखते ही बनता था। लोग अपने घरों की छतों से भगवान के स्वागत के लिए फूल बरसा रहे थे। दाेपहर 12 बजे तक सभी हिंडोले पुरानी अनाज मंडी के पंडाल में स्थापित हाे गए। हिंडोले के स्थापित हाेते ही नाैहिरण मंदिर के पंडित नंद किशाेर शास्त्री ने हिंडोले की आरती उतारी। उसके बाद भक्ताें ने साेशल डिस्टेसिंग काे ध्यान में रखते हुए दूर से ही भगवान के दर्शन किए।



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नौरंग राय तालाब से आरती और गंगाजल से जलाभिषेक के बाद वापस आते हिंडोले।


source https://www.bhaskar.com/local/haryana/news/hindole-got-ready-neither-the-band-nor-fireworks-just-appeared-from-a-distance-127665693.html

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