खारुन को भरने एनीकट से छोड़ा पानी अब हो सकेगा महादेव का जलाभिषेक

मानसून में जुलाई के पूरे महीने में उम्मीद से कम बारिश हुई। इस वजह से खारुन में पानी इतना कम हो गया कि आखिरी सावन सोमवार को जलाभिषेक के लिए एनीकट से पानी छोड़ना पड़ा। रविवार को एनीकट से छोड़े गए पानी से महादेव घाट को भरा गया। मौसम विज्ञानियों ने हालांकि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश के संकेत दिए हैं। राजधानी में सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
दिन में हालांकि मौसम साफ रहेगा। लेकिन नमी की वजह से हल्की उमस महसूस होगी। दोपहर का तापमान भी 34 डिग्री के आसपास रहेगा। उत्तर से उत्तर-पूर्व भारत में बनी द्रोणिका की वजह से राजधानी सहित प्रदेशभर में सोमवार से बारिश होगी। उत्तरी और दक्षिण छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा होगा। मध्य छत्तीसगढ़ यानी रायपुर और आसपास के जिलों में दोपहर बाद या शाम को बारिश वाले बादल बनेंगे। इससे शाम-रात में बारिश होने की संभावना है। रविवार को भी शहर के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार लालपुर मौसम केंद्र में इस दौरान हल्की बूंदाबांदी रिकार्ड की गई। माना एयरपोर्ट, लालपुर, डूमरतराई, पुरानी धमतरी रोड और शहर के आउटर और नवा रायपुर के कुछ हिस्सों में तो तेज गरज के साथ बारिश हुई।

एक दिन पहले शनिवार को सूखा था महादेवघाट
शनिवार तक महादेव घाट का कुछ हिस्सा सूख गया था। कुछ कुछ हिस्से में इतना कम पानी था कि जलाभिषेक करना मुश्किल था। रविवार को सुबह एनीकट से पानी छोड़ा गया। शाम महादेव घाट का हिस्सा काफी भर गया। सोमवार को सावन का आखिरी दिन और अंतिम सोमवार है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग महादेवघाट स्थिति हठकेश्वर महादेव को जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सिंचाई विभाग हर साल इसी तरह की जरूरत के लिए एनीकट में पानी रोकता है। लक्ष्मण झूला के पास बने एनीकीट में करीब सवा चार मीटर तक पानी रहता है। अभी भी एनीकट में पानी था, लेकिन नीचे वाला हिस्सा पूरी तरह सूख चुका था। महादेवघाट के पास दो एनीकट है। पहला लक्ष्मण झूले के पास और दूसरा विसर्जन कुंड के पास है। लक्ष्मण झूला के पास एनीकट से पानी छोड़ने पर घाट से लेकर पुराने पुल तक पानी भर जाता है। विसर्जन कुंड वाले एनीकट में करीब साढ़े तीन मीटर पानी रहता है। इस एनीकट का गेट खोलकर पानी आगे छोड़ा जाता है। लॉकडाउन के दौरान इन दोनों के बीच काफी पानी था, क्योंकि फैक्ट्रियां बंद थी। इसलिए पानी की जरूरत नहीं रही। लॉकडाउन खुलने के बाद उरला-सिलतरा की फैक्ट्रियों के लिए पानी छोड़ा गया। लेकिन जुलाई में कम बारिश होने के कारण नदी में जलस्तर काफी कम हो गया।



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रविवार को लबालब घाट।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/the-water-released-from-the-anicut-filling-kharun-will-now-be-able-to-burn-mahadev-127579416.html

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