पॉजिटिव हैं तो प्राइवेट डॉक्टर भी घर या होटल में करेंगे इलाज, बशर्ते मरीज में नहीं हों गंभीर लक्षण

कोरोना में न्यू नार्मल लाइफ में सबसे बड़ा बदलाव पॉजिटिव मरीजों के ट्रीटमेंट में आया है। अब कोरोना पॉजिटिव मरीज घर पर रहकर प्राइवेट अस्पताल के डाक्टरों से अपना इलाज करवा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी के पांच बड़े अस्पतालों से कड़ी शर्तों के साथ अनुबंध किया है। प्राइवेट अस्पताल के डाक्टर मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में भर्ती भी कर सकते हैं। मरीज को ट्रीटमेंट करने वाले डाक्टरों के सभी निर्देशों का पालन करना होगा।
मरीज को होम आइसोलेशन में रहकर ट्रीटमेंट करवाने के लिए अनुबंधित अस्पताल के डाक्टरों के हर निर्देशों का पालन करना होगा। डाक्टर चाहें तो मरीजों को इलाज के इस नए फार्मूले की शुरुआत हो चुकी है। अभी अनुबंधित पांच अस्पतालों में 29 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मीरा बघेल का कहना है कि अगर मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव, लेकिन उसमें किसी तरह के कोई लक्षण नहीं और वह बिलकुल सामान्य है। साथ ही उसे कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं है तो ऐसे मरीजों का इलाज प्राइवेट अस्पताल के डाक्टर घर या होटल में कर सकते हैं। मरीज की स्थिति बिगड़ने या वायरल लोड बढ़ने पर डाक्टर उन्हें घर से अस्पताल में भर्ती कर ट्रीटमेंट कर सकते हैं।

घर पर रहकर इलाज करवाने के लिए ये करना होगा मरीज को
अपने घर पर रहकर कोरोना का इलाज करवाने के लिए मरीज को खुद ही प्राइवेट अस्पताल से संपर्क करना होगा। मरीज को इसके लिए थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। कोरोना संक्रमित होने की आशंका होते ही उन्हें प्राइवेट अस्पताल के डाक्टरों से संपर्क कर फोन पर बताना होगा कि उन्हें कोरोना होने का शक है, उन्होंने अपना सैंपल जांच के लिए दे दिया है। मरीज का कॉल पहुंचने पर संबंधित अस्पताल की टीम उनके घर जाकर स्थिति की जांच करेगी। टीम में शामिल विशेषज्ञ ये देखेंगे कि मरीज का घर स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित मापदंडों के अनुसार है या नही? उसके बाद अस्पताल प्रबंधन घर पर ही इलाज करने के लिए सहमति देगा। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को सूचना दी जाएगी कि वे एक संदिग्ध मरीज का इलाज करने के लिए सहमति दे चुके हैं। मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वे उसका ट्रीटमेंट करेंगे। उसके बाद मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही प्राइवेट अस्पताल की टीम उसके घर पहुंचकर ट्रीटमेंट शुरू करेगी।

घर-होटल में इलाज की शर्तें

  • मरीज की उम्र 60 साल से कम होनी चाहिए।
  • कैंसर, दमा और किडनी जैसी बीमारी न हो।
  • घर अलग कमरा व लेटबाथ होना जरूरी है।
  • सीएमओ के लोग अधिकारी घर-होटल का जायजा लेंगे। उन्हीं की परमिशन से इलाज।


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If positive, private doctors will also be treated at home or hotel, provided the patient does not have serious symptoms


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/if-positive-private-doctors-will-also-be-treated-at-home-or-hotel-provided-the-patient-does-not-have-serious-symptoms-127585907.html

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