छत्तीसगढ़ के जिन दो स्थानों पर प्रभु राम ने शिवलिंग और भू-देवी की पूजा की, उसका भी होगा सौंदर्यीकरण

अयोध्या में राम मंदिर का बुधवार को शिलान्यास होगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी प्रभु श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण में राज्य सरकार जुट गई है। चंद्रखुरी में माता कौशल्या के मंदिर को पौराणिक काल की तर्ज पर विकसित करने का काम शुरू होने के बाद अब बस्तर और सुकमा में भी प्रभु राम से संबंधित स्थलों के विकास की योजना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि लंका कूच से पहले जिस तरह रामेश्वरम् में भगवान श्रीराम ने शिवलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना की थी, उसी तरह दक्षिण भारत में प्रवेश से पहले उन्होंने बस्तर जिले के रामपाल में भी शिवलिंग स्थापित कर पूजा की थी।

उनके द्वारा स्थापित शिवलिंग आज भी विद्यमान हैं। दक्षिण प्रवेश से पूर्व प्रभु राम ने रामपाल के बाद सुकमा जिले के रामाराम में भूदेवी की आराधना की थी। राज्य सरकार ने अब दोनों स्थानों को भी अपने नए पर्यटन सर्किट में शामिल कर लिया है। इन स्थानों के सौंदर्यीकरण और विकास की योजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही इन दोनों पवित्र स्थलों पर काम शुरू होगा। इससे पहले एक ट्वीट में सीएम ने बताया था कि भगवान राम के वनवास काल से संबंधित कोरिया जिले के सीतामढ़ी-हरचौका तथा सरगुजा के रामगढ़ को भी पर्यटन-तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान राम ने कोरिया जिले से ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। भरतपुर तहसील के जनकपुर में स्थित सीतामढ़ी-हरचौका को उनका पहला पडा़व माना जाता है।



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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/two-places-in-chhattisgarh-where-lord-rama-worshiped-shivalinga-and-bhoomi-devi-will-also-be-beautified-127586019.html

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