जल संसाधन विभाग की लापरवाही से खाड़ा में लघु सिंचाई परियोजना के तहत 1980 में करीब 30 लाख की लागत से 13.7 हेक्टेयर में 0.7 मिलियन घन मीटर क्षमता का डैम बुधवार की सुबह 6 बजे पहले लीकेज हुआ और बाद में डैम का एक बड़ा हिस्सा बह गया, जिससे 50 किसानों की करीब 50 हेक्टेयर में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई।
डैम के बहने की जानकारी ग्रामीणों को मिलते ही हजारों की संख्या डैम के आसपास पहुंच गए और पानी बहने के बाद मछली पकड़ने उतर गए। वहीं आने वाले 10 साल तक ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ेगा। अब डैम की मरम्मत के बाद जल भराव होने में 5 साल का समय लगेगा। इससे किसानों को खेती के लिए वर्षा जल पर निर्भर रहना होगा।
डैम टूटने से किसान निराश, कहा- अब खेती भगवान भरोसे
शिवधारी साहू, नरेश साहू, पंकज पांडेय, ओंकार पांडेय, जय प्रकाश साहू समेत खाड़ा, खोड़री, कसरा गांव के किसानों ने बताया कि मुआवजा सरकार से मिलेगा लेकिन अब विभाग की लापरवाही से आने वाले कई साल तक पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि इस साल डैम में पर्याप्त जल भराव होने से रबी फसल में सिंचाई के लिए पानी मिलने की संभावना थी, लेकिन अब 5-10 साल तक खेती भगवान भरोसे ही होगी।
20-22 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई होगी : एसडीओ
जल संशाधन विभाग एसडीओ एमएल सोनी ने बताया कि अच्छी बारिश होने से डैम में जल भराव सौ फीसदी था। सब इंजीनियर आरके गुप्ता के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही थी लेकिन डैम कैसे फूटा जांच के बाद ही पता चलेगा। कितने हेक्टेयर में फसल बर्बाद के सवाल पर सोनी ने बताया 20-22 हेक्टेयर की फसल बर्बाद होगी।
नुकसान का देंगे मुआवजा: संसदीय सचिव सिंहदेव
विधायक व संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव ने राज्य के जल संसाधन मंत्री को मामले की जानकारी दी। जिला प्रशासन के अफसरों से चर्चा कर जल्द किसानों की बर्बाद हुई फसल का मूल्यांकन कर मुआवजा प्रकरण तैयार करने की बात कही। मामले में विभाग से हुई लापरवाही की जांच कर कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/three-days-ago-the-villagers-had-informed-the-officials-about-the-leakage-of-water-from-the-dam-did-not-take-any-measures-50-hectares-of-paddy-crop-was-wasted-127748076.html
एक टिप्पणी भेजें