प्रदेश में मानसून के सीजन की औसत बारिश के लिए अब छत्तीसगढ़ को सिर्फ 60 मिमी पानी की जरूरत है। अगले 3-4 दिनों में होने वाली बारिश से यह जरूरत पूरी हो जाएगी। उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में बने ऊपरी हवा में चक्रवात के कारण 7 सितंबर को राज्य में भारी से अतिभारी वर्षा की संभावना बन रही है। यही नहीं, सितंबर का पूरा महीना बाकी है, इसलिए माना जा रहा है कि इस साल राज्य में मानसून की औसत से ज्यादा बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में अब तक 1091 मिमी बारिश हुई है। यह मानसून के औसत यानी 1150 मिमी से सिर्फ 59 मिमी कम है। यह कमी अगले 3-4 दिनों में पूरी हो सकती है।
इसके बाद होने वाली बारिश एक्सेस यानी अधिक होने लगेगी। यह कृषि से लेकर उद्योगों और बिजली कंपनी के लिए अच्छे संकेत हैं, क्योंकि इससे फसलों और हाईड्रल बिजली उत्पादन पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। बांधों में ज्यादा पानी रहने पर रबी फसल के लिए भी सिंचाई विभाग की ओर से इस साल अच्छा पानी दिया जा सकता है। सितंबर तक पानी गिरना खरीफ के लिए भी अच्छा है।
प्रदेश में एक चक्रवात हो रहा मजबूत
लालपुर मौसम केंद्र के विज्ञानी एच पी चंद्रा के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक चक्रवात मजबूत हो रहा है। यह समुद्रतल से 0.9 किमी ऊपर है। यही नहीं, दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी एक और चक्रवात है। इनके असर से अगले दो-तीन दिन तक राज्य में हल्की वर्षा के आसार हैं, लेकिन 7 सितंबर को कहीं-कहीं अतिभारी वर्षा हो सकती है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश ही हुई।
एक नजर में बारिश
- 1091 - मिमी अब तक
- 1150 - मिमी औसत
- 59 - मिमी कम
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/if-only-60-mm-of-rain-falls-in-the-state-then-the-monsoon-quota-will-be-fulfilled-another-cyclone-is-expected-to-cause-heavy-rains-on-september-7-127683648.html
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