राशन दुकानों से बारदाने जमा नहीं करने वाले दुकानदार और कस्टम मिलिंग के काम में दिलचस्पी नहीं दिखाने वाले राइस मिलरों पर सख्ती शुरू कर दी गई है। खाद्य विभाग ने गुरुवार को छह राइस मिलों की बिजली कटवा दी। आरोप है कि उन्होंने तय समय में धान का उठाव नहीं किया।
खाद्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार छह महीने में जिस क्षमता के साथ मिलरों को धान का उठाव करना था उन्होंने नहीं किया। इस वजह से इन सभी मिलों की बिजली काटी गई है। इनमें तिरुपति राइस इंडस्ट्रीज, पराग ट्रेडर्स, राधा कृष्ण राइस मिल, मां मौली राइस इंडस्ट्रीज, संजय ग्रेन प्रोडक्ट और सत्यम बालाजी राइस इंडस्ट्रीज शामिल है। इनमें से सत्यम बालाजी राइस इंडस्ट्रीज समेत कुछ मिलर ऐसे भी हैं जो दूसरे देशों को चावल एक्सपोर्ट करते हैं। इन पर आरोप है कि तय समय पर धान उठाव करने के बजाय दूसरे देशों में चावल भेजने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। मिल के संचालक पुरुषोत्तम अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने सभी काम नियमानुसार किए हैं। धान उठाव के लिए शपथ पत्र देने के बावजूद उनके मिल की बिजली काटी गई है। रायपुर जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन ने भी इस कार्रवाई का विरोध किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित कुमार अग्रवाल ने कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर कहा है कि कोरोना की वजह से राइस मिलों में काम प्रभावित हुआ है। ऐसे में मिलों की बिजली काटकर मिलरों को परेशान किया जा रहा है। इधर दूसरी ओर तय समय के बाद भी बारदाने जमा नहीं करने वाले तीन दर्जन राशन दुकानदारों से जुर्माने के तौर पर 72 हजार रुपए वसूल किए गए हैं। बारदाने के लिए प्रति दुकानदार की ओर से 2000 रुपए सुरक्षा निधि के तौर एफडी किए थे। खाद्य विभाग ने इस रकम को राजसात कर लिया गया है। जब्त की गई रकम से नए बारदाने खरीदे जाएंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/strict-action-on-those-who-do-not-deposit-gunny-bags-and-do-not-show-interest-in-custom-milling-power-cut-of-six-rice-mills-72-thousand-fine-imposed-on-ration-shopkeepers-127729259.html
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