छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। जहां एक ओर पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं मौतों को आंकड़ा भी बढ़ रहा है। इससे उलट ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत गिरा है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों को 7 सितंबर से खोलने का आदेश जारी किया गया है। अधिकारियों का तर्क है कि वर्तमान व्यवस्था प्रभावी नहीं है और इससे कुपोषण दूर करने में कठिनाई होगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर की ओर से सभी संभाग आयुक्तों और कलेक्टर को आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में इस बात का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य व पोषण दिवस और गरम भोजन प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। साथ ही सेवाएं शुरू करने से पहले पूरी रणनीति भी बताई गई है।
आदेश में आंगनबाड़ी केंद्र खोले जाने की दो वजह बताई
कोरोना के चलते 14 मार्च से आंगनबाड़ियों का संचालन बंद था। ऐसे में घर सूखा राशन पहुंचाया जा रहा था। बच्चों के पोषण स्तर को बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था प्रभावी नहीं है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे चरण-4 में कुपोषण की दर 37% रही है। डब्लूएचओ, यूनिसेफ जैसी संस्थाओं को मानना है कि कोविड के कारण कुपोषण में बढ़ोतरी हो सकती है।
गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान 30 सितंबर तक बंद रखने के निर्देश हैं। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों के संबंध में बंदिशें लागू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि 65 वर्ष से अधिक, 10 वर्ष से कम और गर्भवती महिलाओं को घर में ही रहने की सलाह है, पर आवश्यक सेवाएं पहुंचाना आवश्यक है।
केंद्रों में दो सेवाएं शुरू की जाएंगी
- दोपहर का पोषण आहार पहले की तरह गरम भोजन के रूप में प्रदान किया जाएगा।
- आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का संचालन।
हालांकि इन सेवाओं के लिए 11 प्वाइंट्स के दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिसमें कंटेनमेंट जोन वाले केंद्रों को बंद रखने, ट्रेनिंग देने, सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य बातें कही गई हैं। केंद्र खोलने से पहले 3 से 6 सितंबर तक सैनिटाइज भी किया जाएगा।
कर्मचारियों ने किया विरोध
महिला बाल विकास विभाग सचिव आर प्रसन्ना ने 2 सितंबर को आंगनबाड़ी खोलने के निर्देश दिए। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं में आक्रोष है। प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, शिशुवती महिलाएं, स्तनपान् कराने वाली महिलाएं आती हैं। इनमें सबसे अधिक संक्रमण का भय रहता है। पिछले दिनों गर्भवती पॉजिटिव महिला को जिला अस्पताल रायपुर में डॉक्टर ने छोड़ दिया था। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस आदेश को तत्काल निरस्त कर आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद किए जाएं। कर्मचारी संगठन के प्रमुख संरक्षक पी.आर. यादव, कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुव, प्रांतीय कोषाध्यक्ष रविराज पिल्ले, समेत कई पदाधिकारियों ने सरकार से इस ओर ध्यान देने के लिए कहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/raipur-coronavirus-news-today-update-chhattisgarh-anganwadi-centers-to-open-from-7-september-127681398.html
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