महिला एवं बाल विकास विभाग ने रायपुर जिले में पोषण अभियान में कार्यरत 67 तकनीकी सलाहकारों की सेवाएं खत्म करने का आदेश जारी किया है। इनसे मार्च से अगस्त तक कोरोना संक्रमण, बचाव कार्य में सेवा लेने के बाद पांच माह अप्रैल से अगस्त तक वेतन भी नहीं दिया गया, बल्कि प्लेसमेंट एजेंसी ने मोबाइल एप जरिए सेवा समाप्त करने का आदेश भेज दिया। इससे नाराज कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर कलेक्टर रायपुर को मांग पत्र सौंपा है।
छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बजरंग मिश्रा व तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा ने बताया कि पिछली सरकार के ठेकेदार, प्लेसमेंट एजेंसियां व विभागीय अधिकारी मिलकर प्रदेश के छत्तीसगढ़िया सीएम भूपेश बघेल को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। सीएम भूपेश अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने, बेरोजगारों को रोजगार देने और कोरोना काल में किसी कर्मचारी का वेतन न रुकने व सेवा समाप्त न करने के संकल्प लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने, विधानसभा चुनाव के पूर्व जन संकल्प पत्र निर्माण समिति के संयोजक टीएस सिंहदेव ने न केवल इस मांग को घोषणा पत्र में शामिल किया, बल्कि नियमितिकरण न कर पाने के लिए खेद भी जताया है। कर्मचारियों ने सेवा जारी रखने, वेतन का भुगतान करने और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की है। प्रदर्शन में राजकुमार कुशवाहा, जितेंद्र सिंगरौल, रेर्जीकुर्विला, अमित सोनी, शशि सोनी, प्रदीप, नंदकिशोर, अमित, आसिफ रजा, दीपेश कोहले, अजरूद्दीन, विवेक, अभिषेक, नरेश प्रधान, राजेंद्र आदि शामिल थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/fired-technical-advisors-did-not-even-pay-salary-for-five-months-demanded-their-right-to-perform-127680145.html
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