बड़ी तादाद में खामोशी से चेहरों पर गुस्सा लिए हजारों आदिवासी महिला पुरुष सड़कों पर चलते रहे। यह नजारा नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर का था। मंगलवार को शासन और स्थानीय प्रशासन से नाराज होकर ग्रामीणों ने रैली निकाली। ग्रामीणों ने कहा कि कोरोनावायरस के चलते सही इलाज नहीं मिल रहा, स्कूली छात्रों को पढ़ाई में दिक्कतें हो रही हैं, पूरे इलाके में फोर्स और नक्सलियों की वजह से भय का माहौल है, सप्ताहिक बाजार बंद हैं, गांव और जंगल के इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ने से दिक्कतें हो रही हैं।
इस रैली में ग्रामीण अपने पारंपरिक वेशभूषा में आए, लगभग सभी के हाथों में तीर, धनुष, कुल्हाड़ी जैसे हथियार थे, ग्राम देवी-देवता लाकर सभी एक जगह पर जमा हुए और पारंपरिक नृत्य करते हुए देवताओं की पूजा भी की। बीते 4 सितंबर को पुसपाल गांव में 4 ग्रामीणों के नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। दो के मामले ही पुलिस के पास दर्ज हुए। लोगों ने पुलिस में शिकायत करने से मना कर दिया था। तभी से ग्रामीण और पुलिस के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। गंगालुर गांव के सरपंच राजू कमलु को पूछताछ के लिए गंगालुर थाना बुलाया गया था। इसका भी ग्रामीणों ने विरोध किया था।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/villagers-of-naxalite-affected-village-rally-in-bijapur-district-raised-voice-over-good-treatment-facility-chhattisgarh-corona-127698273.html
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