मेडिकल काॅलेज अस्पताल के कोविड वार्ड में मरीजों के लिए ऑक्सीजन सप्लाई में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। वार्ड में किस दिन कितने ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की खपत हुई, इसका कोई रिकॉर्ड मेंटेन नहीं हैं। यह बात तब सामने आई जब पिछले दिनों कोविड आईसीयू में एक मरीज की ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से हुई मौत पर स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर मेडिकल टीम बनाकर जांच कराई गई। टीम ने रिपोर्ट डीन को सौंप दी है। डीन डॉ. आरके सिंह ने रिपोर्ट अस्पताल के एमएस डॉ. लखन सिंह को भेजकर कार्रवाई करने निर्देश दिए हैं। मामले में एमएस डॉ. लखन सिंह ने स्टोर इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह को नोटिस देकर जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर स्टोर इंचार्ज पर कार्रवाई हो सकती है। टीम की रिपोर्ट से पता चला है कि सेंट्रल ऑक्सीजन यूनिट में घटना के दिन ऑक्सीजन गैस सिलेंडर थे कि नहीं। इसे लेकर लापरवाही मानी जा रही है। सप्ताह भर पहले कोरोना के एक मरीज की आईसीयू में मौत हो गई थी। तब यह बात सामने आई थी कि आईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई थी।
जांच के बाद स्टाक होने लगा है मेंटेन, खपत भी हो रही है अधिक
बताया जा रहा है कि मामले की जांच के बाद से ऑक्सीजन सप्लाई यूनिट में गैस सिलेंडरों के उपयोग का रिकॉर्ड मेंटेन किया जाने लगा है अभी रोजाना 25 से 30 जंबो ऑक्सीजन गैस सिलेंडर लग जा रहे हैं। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने से सिलेंडर की खपत ज्यादा हो रही है।
सूरजपुर की एक एजेंसी सिलेंडर की करती है सप्लाई
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गैस सिलेंडरों की सप्लाई का ठेका सूरजपुर की एक प्राइवेट एजेंसी को दिया गया है। यहीं से गैस सिलेंडर यहां जरूरत के हिसाब से भेजे जाते हैं। प्लांट में खराबी आने के कारण अभी कुछ दिनों से कोरबा से ऑक्सीजन गैस सिलेंडर मंगवाए जा रहे हैं।
जांच टीम को स्टाॅक मेंटेन नहीं मिला, स्टोर इंचार्ज से मांगा जवाब
जांच में तय बिंदु उसके अनुसार ऑक्सीजन सेंट्रल सप्लाई यूनिट में गैस सिलेंडरों का स्टॉक मेंटेन नहीं मिला हैं। घटना के दिन भी यही स्थिति रही। स्टोर इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। मामले मे जो भी शामिल मिले, उन पर भी कार्रवाई होगी।
डीन ने बनाई थी 5 सदस्यीय टीम जांच के अलग-अलग तय थे बिंदू
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर डीन ने डॉ. मधुमिता मूर्ति के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम बनाकर मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच के अलग-अलग बिंदू तय किए गए थे। इसमें यह भी पता करने कहा गया था कि घटना के दिन प्लांट में गैस सिलेंडर थे कि नहीं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एमएस मामले में करेंगे कार्रवाई
"यह मामला अस्पताल का है, इसलिए टीम की जांच रिपोर्ट को अस्पताल के एमएस को सौंप दिया गया है। एमएस रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई का निर्णय लेंगे।"
-डॉ. आरके सिंह डीन, मेडिकल काॅलेज अंबिकापुर
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/ambikapur/news/no-record-of-how-much-oxygen-gas-cylinders-were-consumed-in-kovid-ward-127751696.html
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