बीमा कराने वाले तीन माह में हो गए दोगुने, ज्यादा रिस्क कवर के कारण टर्म प्लान में रुचि, हर माह 18-20 हजार पाॅलिसियां हो रहीं

ठाकुरराम यादव | कोरोना की दहशत ऐसी है कि पिछले तीन माह में सरकारी और प्राइवेट बीमा कंपनियों से इंश्योरेंस करवाने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। ज्यादातर लोग ऐसी पाॅलिसी ले रहे हैं, ताकि अस्पताल का खर्च निकल सके। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है, जो खुद के नहीं रहने पर परिवार को आर्थिक मजबूती देने के लिए टर्म इंश्योरेंस करवा रहे हैं। सरकारी इंश्योरेंस सेक्टर के अफसरों के मुताबिक पूरे प्रदेश में हर माह औसतन 8 से 10 हजार पाॅलिसी हो रही थीं। पिछले तीन माह में हर महीने 18 से 20 हजार यानी दोगुनी पाॅलिसी हो रही हैं। प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के अनुसार प्रदेश में अभी हर माह औसतन 30 हजार हेल्थ पाॅलिसी हो रही हैं, जो कोरोना पूर्व के काल में हर माह के औसत से डेढ़ गुना है।
कोरोना ने छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश में सभी तरह के कारोबार को चौपट किया है, लेकिन इंश्योरेंस सेक्टर में बूम है। प्राइवेट और सरकारी बीमा कंपनियां अच्छा बिजनेस कर रही हैं। अभी स्थिति यह है कि ज्यादातर लोग खुद ही बीमा एजेंटों से संपर्क कर प्लान के बारे में पूछ रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार इंटरनेट पर इंश्योरेंस को सर्च करनेवालों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। भास्कर ने इंश्योरेंस सेक्टर के प्रमुख लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि मार्च में कोरोना की दहशत यहां नहीं थी।


हेल्थ-टर्म प्लान पर ज्यादा रुचि
जानकारों के अनुसार भारतीय जीवन बीमा की लगभग 33 पालिसियां हैं। इनमें अभी हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म प्लान के साथ वन टाइम प्रीमियम वाले प्लान ज्यादातर लोग ले रहे हैं। हेल्थ इंश्योरेंस में ट्रीटमेंट का पूरा खर्च बीमा कंपनी उठाती है। ज्यादातर लोग पांच से 10 लाख तक का रिस्क कवर वाला प्लान ले रहे हैं। कोरोना के कारण टर्म इंश्योरेंस में भी लोगों की रुचि बढ़ी है, क्योंकि इसमें रिस्क कवर ज्यादा रहता है। 38 से 40 साल के उम्र में टर्म प्लान लेने वाले का सालाना औसत प्रीमियम 10 से 12 हजार रुपए आता है। निजी कंपनियां न्यूनतम 10 साल से लेकर 75, 85 और अधिकतम आजीवन तक का प्लान दे रही हैं, जिसमें डेथ होने पर 50 लाख रुपए तक का रिस्क कवर है। देश की टॉप प्राइवेट कंपनियों का क्लेम सेटलमेंट रेशियो 99.2 से 99.9 प्रतिशत तक है।

"लॉकडाउन के कारण शुरुआत के तीन महीने यानी अप्रैल, मई और जून में बिजनेस बहुत कम रहा। एजेंट्स घरों से बाहर नहीं निकले। लोग भी घर में बंद रहे। लॉकडाउन खुलने के बाद जुलाई से 30 सितंबर तक करीब 70 हजार पालिसियां हो गईं। जो सामान्य से लगभग दोगुनी है।"
-सुधीर कन्नमवार, डिवीजनल मार्केटिंग मैनेजर एलआईसी

लगातार बढ़ रही पाॅलिसी
"कोरोना की वजह से कोविड और दूसरी तरह के हेल्थ इंश्योरेंस कराने वाले लोगों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। छत्तीसगढ़ में हमारी कंपनी की 8 ब्रांच हैं और सभी ने पिछले कुछ माह में औसतन हर महीने 1200 पालिसी की है, जो सामान्य से लगभग दोगुनी है।"
-हिमांशु गोहिल, सीनियर सेल्स मैनेजर



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतीकात्मक फोटो।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/insurers-doubled-in-three-months-interest-in-term-plan-due-to-high-risk-cover-18-20-thousand-policies-are-being-done-every-month-127784522.html

Post a Comment

और नया पुराने