छत्तीसगढ़ के कांकेर में पत्रकार से मारपीट मामले में पत्रकारों की उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। यह समिति 10 दिन में अपनी सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके दो दिन पहले कांग्रेस ने जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम का गठन किया था। वहीं पार्टी के जिला महामंत्री गफ्फार मेनन को भी निलंबित किया गया।
दरअसल, रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पत्रकारों की उच्च स्तरीय समिति बनाने के निर्देश दिए। इसमें वरिष्ठ पत्रकार राजेश जोशी की अध्यक्षता में रूपेश गुप्ता, शगुफ्ता सिरीन, अनिल द्विवेदी, सुरेश महापात्र और राजेश शर्मा की 5 सदस्यीय टीम बनाई गई है।
कांग्रेस की जांच टीम आज सौंप सकती है रिपोर्ट
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की ओर गठित की गई जांच टीम को दो दिन में रिपोर्ट देनी थी। संभवत: शुक्रवार को समिति अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेगी। इस समिति में जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन, रायपुर उत्तर विधायक विकास उपाध्याय, गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद और प्रभारी महामंत्री रवि घोष शामिल हैं।
नगर पालिका के भ्रष्टाचार को लेकर है मारपीट का आरोप
पत्रकार कमल शुक्ला ने आरोप लगाया है कि पूरा विवाद नगर पालिका के भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों की वजह से शुरू हुआ। वे लगातार इस तरह की खबरें लिख रहे थे। यही वजह थी कि इलाके के जितेंद्र सिंह, गफ्फार मेमन, गणेश तिवारी ने उन पर हमला किया। घटना 26 सितंबर की है, जब कमल एक और पत्रकार के साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंचे थे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/chhattisgarh-journalist-kamal-shukla-beaten-up-in-kanker-cm-bhupesh-baghel-constituted-a-inquiry-committee-of-journalists-127773185.html
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