सीएम भूपेश बघेल ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पुलिस मुख्यालय स्थित राज्य के पहले साइबर थाने का शुभारंभ किया। साइबर अपराध के मामले में यह पूरे राज्य का को-ऑर्डिनेशन सेंटर भी होगा, जहां से जिलों को मदद की जाएगी। इसके अलावा सभी पुलिस रेंज में एक-एक थाने खुलेंगे। पुलिस मुख्यालय में डीएसपी के नेतृत्व में फिलहाल साइबर के दस एक्सपर्ट्स की नियुक्ति की गई है। यहां रेंज व जिलों की साइबर की टीम को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पुलिस मुख्यालय में साइबर थाने व को-ऑर्डिनेशन सेंटर का काम काफी दिनों से पूरा हो चुका था, लेकिन कोरोना की वजह से इसका उद्घाटन नहीं हो पाया था।
सीएम भूपेश ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आरपी मंडल, डीजीपी डीएम अवस्थी, स्पेशल डीजी आरके विज और अशोक जुनेजा व एसीएस सुब्रत साहू की मौजूदगी में इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले साइबर अपराधों की जांच व नियंत्रण करने में सहायता मिलेगी। राज्य साइबर पुलिस थाने में आईटी एक्ट के अंतर्गत बड़े मामलों को पंजीबद्ध कर उनकी विवेचना की जाएगी। शेष साइबर प्रकरण पूर्वानुसार सामान्य थानों में पंजीबद्ध किये जाते रहेंगे। महत्वपूर्ण प्रकरणों की विवेचना के अलावा यह थाना न केवल समस्त जिला इकाइयों को सूचना-प्रौद्योगिकी से जुड़े मामलों पर मार्गदर्शन देगा बल्कि केन्द्र सरकार के साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न पोर्टल व समन्वय संबंधित कार्यों को भी अंजाम देगा।
जागरूकता लाने पर दिया जोर
सीएम बघेल ने अधिकारियों से कहा कि पुलिस मुख्यालय का साइबर थाना लोगों को लगातार जागरूक करे ताकि वे साइबर अपराध व वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार न हों। पुलिस, स्कूल-कालेज, ब्लॉक व पंचायत स्तर तक जाकर लोगों को जागरूक करे। देश-प्रदेश में तकनीक के उपयोग में लगातार वृद्धि हो रही है इसलिए जरूरी है कि पुलिस भी तकनीकी मामलों को सुलझाने में दक्ष हो।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/cyber-fraud-and-crime-monitoring-now-directly-from-phq-team-of-ten-experts-will-tackle-cybercrime-127775305.html
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