छत्तीसगढ़ में मरवाही उपचुनाव को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के लपेटे में चुनाव पर्यवेक्षक जयसिंह भी आ गए हैं। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी ने उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय निर्वाचन आयोग से शिकायत की है। आरोप लगाया कि बंद कमरे में बिना सुनवाई के उनके प्रत्याशियों का नामांकन रद्द किया गया। इसी आधार पर अब प्रचार से रोका जा रहा है।
अमित जोगी ने कहा, संविधान में कहीं पर भी राजनीतिक दलों का प्रचार करने के लिए उसके प्रत्याशी के होने की बात नहीं कही गई है। बावजूद इसके चुनाव पर्यवेक्षक जयसिंह ने जेसीसीजे के नेताओं को यह कहा कि मरवाही चुनाव में आपके दल के द्वारा किया जा रहा प्रचार (न्याय यात्रा) एक ‘संगठित अपराध’ की श्रेणी में आता है। आरोप लगाया कि ऐसा कहकर वे मुख्यमंत्री की भाषा बोल रहे हैं।
क्या मेरे पार्टी के लोगों के मिलने से ही कोरोना फैलेगा
पत्र में अमित जोगी ने लिखा है कि मरवाही के मतदाताओं की नज़र में कांग्रेस के चुनाव प्रभारी मंत्री जय सिंह अग्रवाल और चुनाव पर्यवेक्षक जय सिंह के बीच कोई भी अंतर नहीं दिख रहा है। आरोप लगाया कि उनके इशारे पर विधायक डॉ. रेनु जोगी को कोरोना के बहाने अपने ही क्षेत्र की जनता से मिलने से रोकने का आदेश है। पूछा कि क्या केवल उनके दल के नेताओं के मिलने से कोरोना फैलेगा?
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/pendra/news/marwahi-by-election-chhattisgarh-janata-congress-president-amit-jogi-complains-to-ec-127857328.html
एक टिप्पणी भेजें