प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी को लेकर संगठन में दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखी जा रहीं है। जिन्हें मौका मिला वे खुश हैं और जो खेते गए वे नाराज। ये लोग अब सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात कह रहे हैं। ज्यादातर नए चेहरे लिए गए हैं।
हाईकमान के कुछ निर्देशों के बाद कई नाम बदले भी गए। जैसे सच्चिदानंद उपासने, डा.सलीम राज, रसिक परमार प्रमुख हैं। इस पर उपासने ने आज एक पाेस्ट किया। उन्होंने एक शेर के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उपासने नेे लिखा है सच्चाई छिप नहीं सकती बनावट के उसूलों से, खुशबू आ नहीं सकती कागज के फूलों से। भाजपा नेता लिस्ट के हवाले से बता रहे कि सूची में एक भी मुस्लिम और क्रिश्चियन नेता को नहीं लिया गया है। जबकि इनके नाम पर एक पूरा मोर्चा है संगठन में। राष्ट्रीय नीति के तहत युवा मोर्चा में 35 साल के ही युवा को अवसर दिया गया है। इस वजह से पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी युवा मोर्चा अध्यक्ष बनने से रह गए। इससे पहले 50 बरस के नेता भी युवा मोर्चा अध्यक्ष रहते आए हैं। निवर्तमान अध्यक्ष विजय शर्मा तो 50 पार कर चुके हैं। अमित को अध्यक्ष बनवाने में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह की भूमिका रही है, यद्यपि वे बृजमोहन अग्रवाल के समर्थक रहे हैं। विधानसभा चुनाव के समय बृजमोहन के एक-दो वार्ड में उन्हें जिम्मेदारी दी जाती रही है। इन्हें पिछली बार भारी दबाव के बाद भी भाजयुमो जिलाध्यक्ष नहीं बनाया गया था। पिछले अनुभव को देखते हुए अमित ने इस बार नए तरीके से साहू समाज के जरिए एप्रोच किया और सफलता मिली। चौधरी को महामंत्री बनाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ मंत्री बनाकर संतोष किया गया। दुग्ध महासंघ के पूर्व चेयरमैन और मीडिया विभाग के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे रसिक परमार का नाम सूची में नहीं है।
कांकेर से एक पोस्ट- पिछली हार के जिम्मेदार ही बड़े नेता
नई कार्यकारिणी का विरोध करते हुए कांकेर से एक सोशल मीडिया पोस्ट किया गया है जिसमें रमनसिंह और सौदान सिंह पर जमकर हमले किए गए हैं। कहा गया है कि जो पिछली हार के जिम्मेदार रहे हैं वो रमन सिंह के लिए जल्द ही प्रदेश दौरे का कार्यक्रम बनाया जाएगा और उन्हें बड़ा नेता बताने का अभियान चलेगा। अब स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ में न आदिवासी न ओबीसी नेतृत्व चलेगा। ये दोनों वर्ग केवल मुखौटा होकर रह जाएंगे। इधर सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने समाज से केवल एक राकेश यादव को शामिल करने का विरोध किया है उन्होंने कहा कि हम जीवन भर इन्हें वोट देते रहेंगे और ये हमें चोट देते रहेंगे । इससे अच्छा है कि हम अपने आप में संगठित हों और अपना एक स्वयं का दल बनाएं ।रमेश यदु ने कहा कि विष्णु देव साय भाजपा में मात्र मोहरा है। आदिवासी नेता होने के कारण, सीधे-साधे पड़ते है, पर चलती किसी और की है । इसलिए भाजपा की इस नई कार्यकारिणी का, यादव समाज विरोध करता है।
चार माह बाद बनी टीम उसमें भी कई चेहरे अस्वीकार्य: रविंद्र चौबे
संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि बड़े अंतरकलह के बीच साय 4 माह बाद अपनी टीम बना पाए। हालांकि इसमें से कई चेहरे अभी भी अस्वीकार्य कहे जा रहे हैं। भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि विष्णुदेव साय की कार्यकारिणी रमन सिंह का बनाया मायाजाल है।सोशल मीडिया में भाजपा के युवा कार्यकर्ता अपने शीर्ष नेताओं को खरी खोटी सुना रहे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/social-media-post-about-team-sai-tribal-obc-only-mask-in-bjp-not-one-muslim-and-christian-society-yadav-society-also-angry-127768917.html
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