रेत घाटों में अवैध खुदाई से लेकर तस्करी तक में लगे माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि फर्जी पिट-पास से नदी-नालों के किनारे से बरसात में रेत खोदकर ट्रकों पर लोड की जा रही है और बिक रही है। रायपुर के अलावा धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव में पकड़े गए कई ट्रकों से ऐसे पिट पास मिले हैं, जिनमें बाइक और स्कूटर तक के नंबर हैं। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मिली है कि धमतरी के रेत घाटों में स्कूटी, मोटर साइकिल, हार्वेस्टर जैसे गाड़ियों के नंबर पर पिट पास जारी कर दिया गया। दोपहिया वाहनों के नंबर पर 20 घनमीटर यानी 600 से 800 फीट रेत ले जाने के लिए पिट पास जारी कर दिया गया है। इस खुलासे के बाद खनिज संचालनालय ने जांच खड़ी कर दी है।
धमतरी खनिज विभाग ने जिन गाड़ियों की सूची जारी की थी, उसका सत्यापन आरटीओ दफ्तर से करवाया गया। इसके बाद ही पता चला कि दर्जनों नंबर स्कूटी, मोटरसाइकिल, हार्वेस्टर ही नहीं, कारों के भी हैं। रेत माफिया के साथ सरकारी अमले की मिलीभगत का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि 12 चक्के वाले हाइवा में 12 घनमीटर रेत ही लोड होती है, जबकि अफसरों ने दोपहिया गाड़ियों में 20 घन मीटर रेत लोडिंग करने का पिट पास जारी कर दिया। आम आदमी पार्टी और रेत सप्लायर संघ ने आरोप लगाया है कि रायपुर जिले की रेत घाटों में भी पिट पास जारी करने में भारी गोलमाल सामने आ रहा है।
आरटीआई के दस्तावेज जारी : रेत कालाबाजारी के खिलाफ आंदोलन करने समिति के अध्यक्ष सूरज उपाध्याय, मुन्ना बिसेन, गरियाबंद अध्यक्ष राजा ठाकुर, धमतरी उपाध्यक्ष संजय सिन्हा ने दोपहिया वाहनों के नंबरों पर जारी पिट पास के दस्तावेजों को जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले में तत्काल खनिज अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो अब अनशन से आगे जाकर सड़कों पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
रायपुर में नहीं घटा रेट
राजधानी के आरंग, पारागांव, मंदिर हसौद समेत आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा रेत घाटों में अवैध खनन हो रहा है। लगातार कार्रवाई के बाद भी कई रसूखदारों की गाड़ियां बेखौफ होकर घाटों और रेत संग्रहण केंद्रों से बिना पिट पास के निकल रही हैं। इसकी शिकायत छत्तीसगढ़ रेत सप्लायर संघ ने कलेक्टर और खनिज विभाग के अफसरों से भी की है। खनिज विभाग के अफसरों का कहना है कि इस मामले में लगातार जांच की जा रही है। अवैध लोडिंग का काम रात में किया जा रहा है।
रसूखदारों का सिंडीकेट
रेत की सप्लाई में शामिल सिंडीकेट में रसूखदार शामिल हैं। गांवों की पंचायतों का भी इसमें सीधा दखल है। यही वजह है कि कई बार खनिज विभाग के अफसर इन पर कार्रवाई करने से डर रहे हैं। जिन गाड़ियों को पकड़ा जा रहा है, उन्हें भी मामूली जुर्माना लेकर उन्हें छोड़ दिया जा रहा है। इसकी जानकारी खनिज संचालनालय के अफसरों को भी है, लेकिन उन्होंने भी कभी भी कड़ाई से जिला खनिज अफसरों से इसकी जानकारी नहीं मंगाई, न ही कभी जांच के लिए गए। इससे अवैध रेत का खेल अभी भी जारी है।
दोपहिया को पिट पास
सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेजों में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि इन मोटरसाइकिल के नंबरों पर रेत के पिटपास जारी किए गए हैं। मोटरसाइकिल स्कूटर सीजी 05 ए 1051, सीजी 05 बी 1788, सीजी 05 बी 7529, सीजी 05 बी 8007, सीजी 05 बी 8040, सीजी 05 बी 8079, सीजी 05 बी 9164, सीजी 05 बी 9419, सीजी 05 सी 7465, सीजी 05 सी 7885, सीजी 05 सी 8085, सीजी 05 सी 8098 आदि 308 से ज्यादा गाड़ियों के नंबर शामिल हैं जिनमें रेत के परिवहन के लिए पिट पास दिया गया।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/the-number-of-the-bike-on-the-pitpass-from-the-sand-loaded-truck-the-tractor-trolley-pass-of-the-sand-on-the-scooty-number-127784579.html
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