शनिवार को एक ही दिन अष्टमी और नवमी मनाई गई। हालांकि पंडितों के मुताबिक नवमी तिथि रविवार सुबह 11.14 बजे तक होगी, इसके बाद सोमवार सुबह 11.35 बजे तक दशमी होगी।
शनिवार को सुबह से देर शाम तक पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते रहे। कोरोना संक्रमण का खतरा को देखते हुए पंडालों में श्रद्धालु कम पहुंचे।
दक्षिण चक्रधर नगर के दुर्गा पंडाल में देर शाम 8 बजे तक पूजा होती रही और श्रद्धालु पहुंचते रहे। कालीबाड़ी में रविवार को सिंदूर खेला का कार्यकम होगा।
शनिवार सुबह सिविल लाइन स्थित कालीबाड़ी में दोपहर 12 बजे तक विशेष पूजा की गई। यहां भीड़ न हो इसलिए महिलाओं ने घरों के बाहर रंगोली सजाई और पूजा ऑनलाइन देखी। बाद में महिलाएं यहां पहुंची और दीप जलाकर मां की आराधना की।
बंगाली समाज द्वारा ऑनलाइन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। शहर के दूसरे पंडालों में शाम तक अष्टमी और नवमी दोनों का हवन पूजन चलता रहा। रविवार और सोमवार को दोनों दिन दुर्गा प्रतिमाओं का विर्सजन होना है।
इसे देखते हुए शहर के अलग-अलग हिस्सों में डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने बताया कि चक्रपथ पर विर्सजन होगा, इसमें छोटी गाड़ी में चार से पांच लोग काे ही विर्सजन स्थल में आने की अनुमति होगी।
सैनिटाइजेशन और मास्क के बाद एंट्री
दुर्गा पंडालों में इस बार मास्क पहनने और सैनिटाइजेशन के बाद ही भक्तों को इंट्री दी जा रही है। हर पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए है लेकिन समितियों ने सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है।
रजिस्टर में इंट्री के बाद प्रतिमा के पास जाकर दर्शन करने की अनुमति दी जा रही थी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/devotees-who-visit-goddess-ashtami-to-observe-social-distancing-in-pandals-127848120.html
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