जनवरी-2020 में महापौर चुने जाने के करीब 10 माह बाद शुक्रवार को नगर निगम की सामान्य सभा होगी। इतने अंतराल बाद पहली सभा को लेकर एक ओर कांग्रेस पार्षदों में उत्साह है। पहली बार एमआईसी सदस्य बने पार्षद भी सभा में पूछे जाने वाले सवालों के जवाब तैयार करने में व्यस्त हैं। दूसरी तरफ, निगम की पिछले दो दशक के इतिहास में पहली बार विपक्ष बिना नेता प्रतिपक्ष के उतरेगा। इसके बावजूद विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा पार्षद मेयर और उनकी टीम को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।
कोरोना महामारी की वजह से इस साल अब तक एक भी सामान्य सभा नहीं हुई है। स्थिति थोड़ी सामान्य होने पर शुक्रवार को पहली सभा आयोजित की जा रही है। सभापति प्रमोद दुबे ने सुरक्षा को लेकर सावधानियां रखने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। लेकिन सामान्य सभा काफी दिलचस्प होने के आसार हैं। दरअसल, आपसी खींचतान की वजह से भाजपा ने अब तक निगम में प्रतिपक्ष का नेता ही तय नहीं किया है। निगम में नेता प्रतिपक्ष का चैंबर अब तक खाली पड़ा है। सामान्य सभा में भाजपा पार्षदों को लीड करने का संकट खड़ा हो गया है। भाजपा आला कमान ने इसकी भरपाई के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर, मीनल चौबे और मृत्युंजय दुबे को कमान संभालने के निर्देश दिए हैं।
लेकिन सभा में यह कांग्रेस के लिए यह बड़ा मुद्दा होगा। भाजपा पार्षदों की ओर से प्रश्नकाल और उसके बाद एजेंडों पर महापौर और एमआईसी सदस्यों को घेरने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इसकी संभावना कम है। बहुमत में होने के कारण महापौर एजाज ढेबर को प्रस्ताव पास कराने के लिए भाजपा पार्षदों के साथ की जरूरत नहीं। महापौर ने कहा कि सभा में स्वस्थ चर्चा होगी और भाजपा पार्षदों से प्रस्तावों पर सुझाव लिए जाएंगे। उनकी राय महत्वपूर्ण होगी।
तय नहीं कर पा रहे नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष को लेकर भाजपा में कशमकश है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर, मीनल चौबे और मृत्युंजय दुबे में से किसी एक को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की चर्चा है। नेता प्रतिपक्ष को लेकर पार्षदों के अलावा भाजपा के आला नेताओं की पसंद और नापसंद जरूरी है। सूर्यकांत राठौर और मीनल चौबे को लेकर अलग-अलग लाबिंग है। हालांकि भाजपा नेताओं ने पार्षदों से कहा है कि वे शहर में सफाई, निर्माण कार्यों पर खर्च और अन्य मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष पर हमला बोलें।
29 एजेंडे, 16 नामकरण के
सामान्य सभा में 29 एजेंडे रखे गए हैं। इनमें से 16 विभिन्न सड़कों और चौक-चौराहों के नामकरण से संबंधित हैं। प्रमुख एजेंडे में सरोना ट्रेंचिंग ग्राउंड साइट का कचरा नष्ट करने की योजना, मशीन से सड़कों की सफाई है। सभा में मुख्य रूप से इन्हीं एजेंडों पर चर्चा होगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/news/first-general-assembly-in-10-months-bjps-councilors-will-reach-the-opposition-without-leader-127887929.html
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