भारत चीन, भारत बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जेवियर ने पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी की। 2002 में बीएसएफ से रिटायर होने के बाद परिवार के बीच सकून की जिंदगी जीने का सपना लिए लौटे तो प्रशासन ने बुजुर्ग भूतपूर्व सैनिक के सपने को चूरचूर कर दिए। मामला जशपुर तहसील के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अमेराटोली के आश्रित ग्राम सिकटाटोली की है।
गांव में सेवानिवृत्त फौजी जेवियर मिंज और उनकी पत्नी क्रिस्टीना मिंज रहती हैं। क्रिस्टीना भी सेवा निवृत्त शिक्षक हैं। चारों ओर घने जंगल से घिरे पहाड़ के किनारे पुश्तैनी जमीन पर दिन गुजार रहे। वृद्ध दंपती 12 साल से परेशान हैं। परिवार पर मुसीबतों का दौर उस वक्त शुरू हुआ, जब जेवियर ने 2008 में एक राजनीतिक दल की ओर से जशपुर विधानसभा मेंे पर्चा दाखिल कर दिया। जेवियर ने बताया कि गांव में बैठककर एक राजनीतिक दल के समर्थन में नामांकन पत्र वापस लेने का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने इनकार किया तो उनका पूरे परिवार सहित सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। परिवार से बात करने पर हजार रुपए का अर्थदंड लगा दिया गया था। चुनावी माहौल खत्म होने बाद भी मामला शांत नहीं हो पाया है। बहिष्कार और अर्थदंड जैसी स्थिति ना होने के बावजूद स्थानीय निवासी परिवार से बात करने में कतराते हैं। पूर्व सैनिक और उनके परिवार पर बीते रविवार को एक बार फिर सामाजिक पंचायत के नाम पर कानून को दरकिनार करते हुए कहर बरपाया गया। क्रिस्टिना मिंज ने बताया कि पहाड़ से उतरने वाला बारिश का पानी घर मे घुस आता है। इसे रोकने के लिए उन्होंने खाली पड़े घास जमीन पर पत्थर और सीमेंट का बाउंड्रीवाल खड़ा कर दिया था। इस घेरे को लेकर तहसीलदार जशपुर और ग्राम पंचायत ने इस वृद्घ दंपती को नोटिस जारी कर बीते रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। जेवियर मिंज का आरोप है कि जिस वक्त चारदीवारी को तोड़ा गया घर में ताला लगा हुआ था। उनका आरोप है कि इस अतिक्रमण के एवज में उनसे 20 हजार रुपए अर्थदंड भी वसूला गया है।
पंचायत ने हटाया कब्जा
"अवैध निर्माण की शिकायत पर संबंधित को नोटिस जारी किया गया था। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ग्राम पंचायत द्वारा की गई होगी।''
-लक्ष्मण राठिया, तहसीलदार, जशपुर
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/jashpur/news/military-family-facing-boycott-for-12-years-127888560.html
एक टिप्पणी भेजें