एक दिसंबर से शुरू होने जा रही धान खरीदी को लेकर जिले में तैयारी चल रही है। सवा करोड़ बारदानों की जरूरत पड़ेगी लेकिन अब तक 25 लाख बारदानों का इंतजाम ही किया गया है। आने वाले दिनों में और भी इंतजाम किए जाएंगे और कम पड़ने पर प्लास्टिक के बारदानों में धान खरीदी होगी। बिलासपुर जिले से गौरेला पेंड्रा मरवाही के अलग होकर नया जिला बनने के बाद यहां की 11 समितियां वहां चली गई है। विभाजित जिले में 82 समितियां है और 34 नई समितियां बननी है। ये अभी उपकेंद्र हैं जिसे समितियों का दर्जा दिया जाना है। वहीं पांच नए धान खरीदी केंद्र भी शुरू हो रहे हैं। इसमें तखतपुर में तीन, मस्तूरी व कोटा में एक केंद्र शुरू होना है। इधर धान खरीदी को लेकर उपमंडलीय समिति की बैठक रायपुर में हो चुकी है और 1 दिसंबर से धान खरीदी होना है। धान खरीदी के लिए सबसे जरूरी बारदानों का इंतजाम करना है। 50 लाख क्विंटल धान खरीदी का अनुमान है और इसके लिए सवा करोड़ बारदानों की जरूरत पड़ेगी। अब तक 11 लाख बारदानों का इंतजाम शासकीय उचित मूल्य दुकानों से हुआ है जबकि 14 लाख बारदाने राइस मिलरों ने विपणन संघ को उपलब्ध करवाएं है। सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी शशांक शेखर दुबे ने बताया कि खरीदी के लिए समितियों में तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि अभी गाइडलाइन नहीं आई है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bilaspur/news/paddy-purchase-25-lakh-gunny-bags-from-december-1-127881152.html
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