राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की समीक्षा करने के लिए कलेक्टर भीम सिंह ने बैठक ली। बैठक में जिले भर के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए। इसमें कलेक्टर ने जिन ग्राम पंचायत में तीन महीने से कोरोना संक्रमण के मामले नहीं है वहां ग्रामवासियों को समझाइश देकर आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के निर्देश दिए।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास के डीपीओ जाटवर को निर्देशों के बाद भी सारंगढ़ क्षेत्र के खैरा में पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के विरूद्ध अब तक कार्रवाई नहीं करने के लिए नाराजगी जताते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पूरे रायगढ़ जिले को आगामी 6 महीने में कुपोषण मुक्त करने को कहा। कलेक्टर बोले गर्भवती महिलाओं और कुपोषण ग्रसित बच्चों को पोषणयुक्त आहार और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में लापरवाही ठीक नहीं है।
शासन की ओर से राशि की कमी नहीं है, कर्मचारी रूचि लेकर काम करें। कलेक्टर ने अति गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का एनआरसी केंद्रों में इलाज की भी समीक्षा की। रायगढ़ एनआरसी केंद्र प्रभारी और शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीणेश्वर सोनी और बच्चों की फीडिंग डिमास्ट्रेटर महिला चिकित्सक को बैठक में बुलाकर निर्देशित किया कि डब्ल्यूएचओ के साथ-साथ राज्य शासन के निर्देशों का पालन करें और एनआरसी सेंटर में रेफर किए जाने वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती करें, बेड खाली न रखें।
संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर बच्चों को कुपोषण मुक्ति कराएं। पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे सुपोषण अभियान की समीक्षा मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास में अधिकांशत: महिला अधिकारी ही कार्यरत हैं, वें बच्चों के देखभाल कर बच्चे की आवश्यकता को भली भांति समझ सकती है। अत: कुपोषित बच्चे की देखभाल अपने परिवार का बच्चा समझकर किया जाना चाहिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केशरी ने कोरोना संक्रमण रोकने और इससे बचाव के लिये जारी निर्देशों को पालन कराने में सहयोग कर ग्रामीणों को जागरूक करने को कहा और लक्षण वाले मरीजों की तत्काल जांच कराने तथा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को संबंधित व्यक्ति के बारे में सूचित करने को कहा।
बच्चों को पौष्टिक गरम भोजन टिफिन में देंगे
कुपोषण मुक्ति के लिए राज्य शासन की ओर से पौष्टिक भोजन प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है जिसके तहत अंडा, दूध, फल इत्यादि प्रदान किया जाता है। इन कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सहयोग करते है। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में तैयार कर पौष्टिक और गरम भोजन कुपोषित बच्चे के घर पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में तीन लेयर वाली 10-10 टिफिन पंचायत विभाग के माध्यम से क्रय किए जाएंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raigarh/news/amba-centers-will-open-where-there-is-no-infection-for-3-months-collector-127894879.html
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