मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेते कहा कांकेर के गढिय़ा पहाड़ को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने राज्य शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें बॉयो डायवर्सिटी के साथ बस्तर की जनजाति संस्कृति को प्रदर्शित किया जाना है। कांकेर विकासखंड के ग्राम कुलगांव में गांधी ग्राम की स्थापना होगी जहां पर लघु वनोपज सहित अन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां 100 लोगों के आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कांकेर शहर के पुराना बस स्टेंड में 48 दुकानों और डेली मार्केट में 272 दुकानों का निर्माण किया जाएगा।
प्रदेश में सबसे ज्यादा कांकेर जिले में वन संसाधन हक प्रदान किए गए हैं और यहां प्रक्रिया निरंतर जारी है। सामुदायिक वन अधिकार एवं सामुदायिक वन संसाधन हक वाले क्षेत्रों में इंदिरा वन मितान समूह का गठन किया जाएगा जिनके द्वारा वनोपज का संरक्षण एवं विदोहन संबंधी कार्य किए जाएंगे। राज्य शासन द्वारा लाख पालन को कृषि का दर्जा दिया गया है अत: लाख पालन को बढ़ावा दिया जाए। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुसुम और पलाश के वृक्षों के अलावा सेमियालता के पौधों में लाख पालन का कार्य किया जा रहा है। इसे और अधिक बढ़ावा दिया जाए। कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में लघु धान्य फसलों जैसे कोदो, कुटकी, रागी का प्रोसेसिंग यूनिट लगाया जाएगा। इसके लिए टेंडर आमंत्रित किया जा चुका है।
बैठक में कांकेर शहर के सौंदर्यीकरण कार्य की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुविभागीय अधिकारी ने शहर से गुजरने वाली मार्ग के सीसी कार्य के प्रगति से अवगत कराया। नगरपालिका अधिकारी द्वारा बताया गया शहर के गंदा पानी के निकास के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट बनाया जाएगा। इसके लिए 16 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/raipur/kanker/news/48-shops-will-be-constructed-in-the-citys-old-bus-stand-and-272-in-the-deli-market-127888660.html
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