तकनीकी विवि के छात्र को कृषि विवि ने नहीं दिया प्रवेश, कृषि में बीटेक को भी आईसीएआर की मान्यता नहीं होने से रोका

अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों ने रायपुर और आसपास के निजी कृषि कालेजों के छात्रों को निजी कालेजों को इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (एसीआर) से मान्यता नहीं होने की वजह से पीजी में एडमिशन से रोका, लेकिन रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय ने प्रदेश की ही एक और सरकारी यूनिवर्सिटी स्वामी विवेकानंद तकनीकी विवि (सीएसवीटीयू) के बीटेक छात्र को पीजी में दाखिला देने से मना कर दिया। इस मामले में कृषि विवि ने भी वही तर्क दिया कि इस विवि को भी एसीआर से मान्यता नहीं दी गई है। जबकि पिछले साल तक तकनीकी विवि से कृषि में इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वालों को कृषि विवि प्रवेश देता रहा था। कृषि विवि में पीजी दाखिले को लेकर नियमों ने इस बार बड़ी दिक्कत खड़ी कर दी है। तकनीकी विवि ही नहीं, कई अन्य प्राइवेट यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी पीजी के लिए भटकना पड़ रहा है।
अभी कृषि विवि में एग्रीकल्चर, हार्टीकल्चर व एग्रीकल्चरइंजीनियरिंग में पीजी व पीएचडी प्रवेश के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए कृषि विवि ने आवेदन मंगवाए थे। पीजी की करीब 460 सीटों के लिए 2063 आवेदन मिले। फार्म की जांच के बाद पात्र व अपात्र की लिस्ट जारी की गई। पीजी में 172 छात्रों को अपात्र किया गया। इसी तरह पीएचडी में 234 छात्रों को अपात्र किया गया है। ज्यादातर छात्रों की अपात्रता की वजह उनके संस्थान की एसीआर से मान्यता नहीं होना बताई गई है। कृषि विवि के अफसरों का कहना है कि कृषि संस्थानों के लिए आईसीएआर प्रमुख संस्था है। उसके निर्देश मान रहे हैं।
69 विवि के छात्रों को ही प्रवेश
देश में कृषि व उससे संबंधित विश्वविद्यालयों की संख्या 75 है। इसमें से 69 संस्थानों को आईसीएआर से मान्यता मिली है। इसे आधार बनाते हुए इंदिरा गांधी कृषि विवि में इस बार पीजी व पीएचडी के लिए देश के 69 कृषि व उससे संबंधित संस्थानों को मान्य किया गया है। कृषि विवि में पीजी की 75 प्रतिशत सीटें राज्य के छात्रों के लिए है।

दाखिले में भी यही नियम लागू
कृषि विवि के कुलपति डॉ एसके पाटिल का कहना है कि आईसीएआर ने पीजी की अपनी 25 प्रतिशत सीटों में नॉन एक्रीडिटेडेट विवि के छात्रों का प्रवेश बंद कर दिया है। इसलिए राज्य के कृषि विवि में भी यह नियम लागू है।

सभी के आवेदन मापदंड के मुताबिक, फिर भी अपात्र
टेक्निकल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले एक छात्र ने बताया कि एमटेक फार्म मशीनरी एंड पावर इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए कृषि विवि ने पहले जो मापदंड तय किए थे, उसमें बीटेक एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के अलावा बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बीई मैकेनिकल इंजीनियरिंग भी मांगा गया था। इसके अनुसार आवेदन किया गया। दो दिन पहले विवि से लिस्ट जारी हुई। इसमें यही बताकर अपात्र किया गया कि पुराना संस्थान एसीआर से मान्यता प्राप्त नहीं है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फाइल फोटो।


source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/news/technical-university-did-not-give-admission-to-student-of-technical-university-btech-in-agriculture-also-prevented-icar-recognition-127877426.html

Post a Comment

और नया पुराने