छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रविवार को दुर्ग जिले के जंजगिरी पहुंचे। यहां उन्होंने गौरा-गौरी पूजन में हिस्सा लिया। गांव के एक व्यक्ति ने सीएम के हाथों पर सोंटा (पुआल से बना हंटर) से वार किया। हर साल गांव के बुजुर्ग भरोसा ठाकुर सीएम को सोंटा मारते थे। मगर हाल ही में उनका निधन होने की वजह से उनके बेटे बीरेंद्र ठाकुर ने मुख्यमंत्री को सोंटा मारा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए निभाई जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार दीवाली कोरोना काल में आई है। हमेशा मास्क पहने रहे तथा हाथ साबुन से धोएं।
सोंटा मारने की परंपरा छत्तीसगढ़ के हर गांव और शहरी इलाके के मुहल्ले में गौरा-गौरी पूजा के दौरान की जाती है। थोड़ा दर्द सहकर ईश्वर के प्रति अपनी भक्ति को प्रकट किया जाता है। जंजगिरी के लोगों ने कहा कि इस परंपरा से देवता अनिष्ट की आशंका टल जाती है। मुख्यमंत्री यहाँ आते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुम्हारी में गौरा गौरी पूजा में भी हिस्सा लिया।
गौरा-गौरी पूजा
छत्तीसगढ़ में दीपावली के मौके पर गौरी गौरा(शंकर और पार्वती) के पूजन का विशेष महत्व है। दीवाली की रात गौरी गौरा की प्रतिमा स्थापित करके पूजा करने की परंपरा यहां के स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित है। अब रविवार को गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया जाता है। इस दौरान लोग नाचते गाते हैं। खुद को सोंटा मरवाते हैं। रायपुर में बढ़ईपारा, रामसागरपारा, आमापारा, रामकुंड, बंधवापारा, लाखेनगर, पुरानी बस्ती, टुरी हटरी सहित अनेक इलाकों में गौरी-गौरा पर्व मनाया जा रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/bhilai/durg/news/chhattisgarh-chief-minister-bhupesh-baghel-joins-gaura-gauri-puja-in-the-durg-127915488.html
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